Saturday, December 21, 2019

नाले पर बना स्कूल भवन तोड़ा, विरोध पर तहसीलदार बोलीं- किल्लाई में चरनोई भूमि पर भी तुम्हारा अतिक्रमण है, हटवा लेना

पुराने आरटीओ कार्यालय से सागर बायपास के बीच सड़क पर डीपीएसजी स्कूल के बाजू में स्थित नाला का अतिक्रमण जिला प्रशासन ने शनिवार को गिरा दिया। इससे पहले अतिक्रमणकर्ता को अतिक्रमण हटाने के नोटिस दिए गए थे, लेकिन नहीं हटाया गया। शनिवार को तहसीलदार बबीता राठौर स्वयं मौके पर पहुंचीं और उन्होंने पिछले कई सालों से नाले की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा दिया।

जैसे ही तहसीलदार ने कार्रवाई प्रारंभ की, एक-एक करके 12 लोग पहुंचे और उन्होंने अपनी रजिस्ट्रियां दिखाईं। जिन प्लाटों की रजिस्ट्री हो चुकी हैं, उनपर भी अतिक्रमणकर्ता का कब्जा मिला। जिसपर तहसीलदार ने पड़ताल कराई तो 18 प्लांटों पर भी अतिक्रमण मिला। इससे पहले कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन से अतिक्रमण में एक बिल्डिंग, बाउंड्रीवॉल और गेट को गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकर्ता ने काम रुकवाने का कई बार विरोध किया।

इस बीच तहसीलदार ने कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि दो नोटिस जारी किए गए और अतिक्रमण हटाने का समय दिया गया, फिर भी नहीं हटाया गया। जहां पर अतिक्रमण किया गया है, वहां पर 110 फीट चौड़ी सड़क बननी है, सूचना देने के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। इस बीच जेसीबी मशीन से अतिक्रमण हटाया गया। हालांकि कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन खराब हो गई। कुछ देर बाद दूसरी मशीन बुलाई गई और फिर से कार्रवाई प्रारंभ हुई। इससे पहले दोपहर करीब 4 बजे तहसीलदार बबीता राठौर, आरआई अभिषेक जैन, पटवारी बृजेश पटेल और पुलिस बल राजस्व अमला के साथ पुराने आरटीओ कार्यालय के आगे डीपीएसजी स्कूल के पास पहुंचा। जहां नाले के किनारे स्कूल संचालक द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित किया गया। इसके बाद जेसीबी के माध्यम से बिल्डिंग और बाउंड्रीवॉल तोड़ी गई।

इस दौरान संचालक सुरेश छाबड़ा तहसीलदार से बार-बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोकने की विनती करते रहे। लेकिन तहसीलदार बबीता राठौर ने कहा कि किल्लाई में चरनोई भूमि पर भी तुम्हारा अतिक्रमण है, उसे हटवा लेना, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। राजस्व अमले के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का प्रस्ताव कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति में पारित किया जा चुका है। देर रात 7 बजे तक कार्रवाई जारी थी। इससे पहले सड़क बनाने वाली एजेंसी को बुलाने की बात अतिक्रमण कर्ता की ओर से कही गई। उसका कहना था कि सड़क एजेंसी ने बनाई थी, जितने में सड़क बनना है, उनका ही अतिक्रमण तोड़ा जाना है, लेकिन तहसीलदार ने कहा कि अतिक्रमण है, तो हटाना ही पड़ेगा।

इस मामले में सुरेश छाबड़ा का कहाना है कि मैंने जब जमीन खरीदी थी, सड़क की चौड़ाई 40 फीट थी, जब हाथ से नक्शे बनते थे, अब चौड़ाई बढ़ा दी गई है। जो नाला बताया जा रहा है, वह 126 नंबर पर है, हमारी जगह 127 नंबर पर है। नाला हमारी जमीन पर बना हुआ है, नाला की वजह से हमारी जमीन खराब हो गई है। इसके लिए हमने कलेक्टर को आवेदन दिया है।

कार्रवाई के दौरान एक-एक करके 12 लोग पहुंचे, बोले- हमारे प्लाटों की रजिस्ट्री हमारे पास, प्लाट पर कब्जा सुरेश छाबड़ा का

दमोह। किल्लाई नाका रोड पर आरटीओ कार्यालय के आगे अतिक्रमण हटाया गया।

रोड वाले हिस्से में 25 से 30 फीट अतिक्रमण पाया

तहसीलदार बबीता राठौर ने बताया कि बालाकोट से किल्लाई के बीच रोड बन रही है। अतिक्रमण पूरे रोड में है, इन्हें हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने नहीं हटाया। इसलिए तोड़ा गया है। रोड वाले हिस्से में 25 से 30 फीट अतिक्रमण पाया है। उन्हाेंने बताया कि सुबह पड़ताल के दौरान पाया गया कि किल्लाई ग्राम में भी सुरेश छाबड़ा का अतिक्रमण निकला है। उन्होंने चरनोई की सवा दो एकड़ जमीन पर अतिक्रमण किया है, यहां तक कि वे जमीन का 20 हजार रुपए सालाना किराया भी वसूलते हैं। वहां पर पारदी भी जमीन पर अतिक्रमण किए हुए हैं, जिसकी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक तौर पर सुरेश छाबड़ा का तीन जगह अतिक्रमण मिला है। उन्होंने स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए कहा है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के दौरान एक-एक करके 12 से ज्यादा लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि माफिया के कब्जे में उनके 18 प्लाट हैं। तरुण अग्रवाल के नाम से तीन प्लाट हैं, इनकी रजिस्ट्री भी है, लेकिन माफिया ने कब्जा नहीं दिया है। राकेश अग्रवाल ने बताया कि सुरेश छाबड़ा के कब्जे में सारे प्लाट हैं, 50 चक्कर लगा चुके, कोर्ट से भी उनके पक्ष में फैसला आया, लेकिन जमीन उन्हें कब्जे में नहीं मिली। इसी तरह राजेंद्र चौरसिया ने बताया कि उनके नाम से प्लाट हैं, जिसपर कब्जा है। उनके प्लाट पर हर बार खेती कर दी जाती है, करीब 20 लोग इस तरह प्रताड़ित हैं। आरआई अभिषेक जैन ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि खसरा नंबर 127 में 18 प्लांटों पर कब्जा होना पाया गया। कलेक्टर ने इस कार्रवाई को भू-माफिया की श्रेणी में रखा है।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई

सड़क के बाजू में नाले की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। नाले की जमीन पर पिछले कई सालों से अतिक्रमण था। अतिक्रमण कर्ता की ओर से तीन जगह और अतिक्रमण किया गया है। जिसपर कार्रवाई की जा रही है। -बबीता राठौर, तहसीलदार, दमोह

अतिक्रमण के खिलाफ मुहिम चलाई जाएगी

जिले में जितनी भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही हैं, वह भू-माफिया की श्रेणी में ही की जा रही हैं। जहां-जहां लोगों ने शासकीय भूमि या फिर किसी दूसरे की भूमि पर अतिक्रमण या कब्जा कर रखा है। उनके खिलाफ कार्रवाई की मुहिम चलाई जाएगी। -तरुण राठी, कलेक्टर, दमोह

दमोह। तहसीलदार के सामने विरोध कर वीडियो बनाता अतिक्रमणकर्ता।

पहले प्लाट बेच दिए, फिर कब्जा कर लिया



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source https://www.bhaskar.com/mp/damoh/news/mp-news-the-school-building-on-the-drain-was-broken-the-tehsildar-spoke-on-the-protest-you-have-an-encroachment-on-the-grazing-land-in-killai-take-away-070651-6231940.html

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