Monday, December 23, 2019

अधूरे पड़े बहु प्रतीक्षित पारना जलाशय का मामला एक दशक के बाद विधानसभा में गंूजा

एक दशक के बाद भी बहु प्रतीक्षित पारना जलाशय निर्माण का मुद्दा अटका पड़ा है। प्रशासकीय स्वीकृति और भू-अर्जन की कार्रवाई होने के बाद जलाशय निर्माण का टैंडर हुआ था, लेकिन वन विभाग की एनओसी नहीं मिलने से निरस्त हो गया।

बाद में जैसे-तैसे वन विभाग से जलाशय निर्माण की एनओसी मिल गई, लेकिन मामला रिकॉल टैंडर प्रक्रिया में अटका रहा, जिससे क्षेत्र के किसानों को आज भी सिंचाई सुविधा का लाभ नहीं मिलने से हर साल फसलें सूख जाती हैं। जिससे खेती का कार्य क्षेत्र के किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। अब यह मामला जबेरा विधायक ने विधानसभा में उठाया है।

वर्ष 2008 से प्रस्तावित पारना (करनपुरा) के निर्माण की मांग के चलते दो बार भूमि पूजन होने के बाद जलाशय की मांग अधर में लटकी हुई थी। दो बार किसानों के द्वारा तहसील मुख्यालय पर आमरण अनशन किया गया। इसके बावजूद भी किसानों की अनदेखी की गई। हैरानी की बात तो यह है कि जलाशय की प्रशासकीय स्वीकृति 22 नवंबर को तात्कालिक एसडीएम राजस्व टीम व जल संसाधन विभाग के एसडीओ उपयंत्रियों की टीम द्वारा भू अर्जन की कार्रवाई के लिए स्थल निरीक्षण करके पारना जलाशय के निर्माण की टैंडर की निविदा जारी करने के बाद टेंडर निरस्त कर दिया गया, जिसके पीछे वन विभाग की डूब में आई भूमि की लिखित एनओसी नहीं मिलना बताया गया। जबकि वन भूमि सहित जलाशय निर्माण के डूब में आई किसानों की भूमि का मुआवजा वितरण की लिस्ट बन गई थी, जिसका वितरण होना शेष रह गया था, लेकिन टैंडर को अचानक नाटकीय तरीके से कैंसिल कर दिया गया, लेकिन जल संसाधन विभाग द्वारा वन विभाग की एनओसी मिलने के बाद पारना जलाशय निर्माण के लिए द्वितीय निविदा का आमंत्रण 6 जून 19 से अनुवर्ति कार्रवाई प्रक्रियाधीन होते हुए 6 माह का समय बीत गया है।

तत्कालीन मुख्यमंत्री ने वर्ष 2008 में किया था भूमिपूजन, पहले वन विभाग की एनओसी, अब टैंडर प्रक्रिया में अटका है मामला

यह है पूरा मामला: भूमिपूजन के समय सीएम के साथ उर्जा राज्यमंत्री दशरथ सिंह भी थे मौजूद

नगर के पांच गांव के किसानों की 950 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ने के लिए 16 करोड़ की लागत पारना वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं उर्जा राज्यमंत्री दशरथ सिंह द्वारा पारना जलाशय का भूमिपूजन किया था। लेकिन वन विभाग की एनओसी न मिलने का बहाना बनाकर आज तक इसका काम दोबारा चालू नहीं हुआ। जबकि किसान एक दशक से जलाशय के भूमिपूजन के पत्थर को अपने सीने से लगाकर रखे हैं। इस गंभीर मामले को जबेरा विधायक धर्मेंद्र सिंह ने विधानसभा में भी उठाया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा से प्रश्न क्रमांक 1603 में पूछा कि पारना जलाशय निर्माण के लिए प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग भोपाल के पास के पास नई निविदा प्रक्रिया बीते एक वर्ष से कार्रवाई के लिए लंबित है। निविदा जारी कर निर्माण कार्य कब तक किया जाएगा। जिसके उत्तर में जल संसाधन मंत्री कहा कि ने द्वितीय निविदा कार्रवाई प्रक्रियाधीन है लेकिन निर्माण की समय सीमा बताना संभव नहीं है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Banwar News - mp news the matter of the much awaited parna reservoir lying incomplete was lost in the assembly after a decade


source https://www.bhaskar.com/mp/damoh/news/mp-news-the-matter-of-the-much-awaited-parna-reservoir-lying-incomplete-was-lost-in-the-assembly-after-a-decade-062508-6247467.html

No comments:

Post a Comment