पंडित शिव गुरु ने कहा कृष्ण और सुदामा जैसी मित्रता आज कहां है। आज के दौर में मित्रता स्वार्थ पर आधारित है। किसी से मित्रता करो तो निस्वार्थ भावना से करो। पंडित गुरू ने कहा किसी गरीब की हंसी नहीं उड़ाना, क्योंकि वह तो पहले ही सताया हुआ है। वक्त गुजरते देर नहीं लगती, लेकिन बातें याद रह जाती है। किसी गरीब की हंसी उड़ाई तो याद रखना परमात्मा आपकी सारे जगत में हंसी उड़ा देगा। उसका न्याय बड़ा निराला होता है। दोपहर 1.30 बजे महाआरती के साथ कथा की समाप्ति हुई। आरती के लाभार्थी नगर परिषद अध्यक्ष छाया पाटनी, उपाध्यक्ष लाला ईश्वर सोनी, नंदराम भईबंद, सचिन पाटनी, पार्षद सुरेश सांखला, रामलाल नंदेडा, राजेंद्र जैन, सार्वजनिक श्रीमद् भागवत कथा समिति सदस्य शांतिलाल मदारिया, संगीता गायकवाड, संजय गेहलोत, सत्यनारायण मेहता आदि मौजूद थे।
थाना परिसर में आयोजित भागवत कथा के समापन पर मौजूद महिलाएं। इनसेट पं. शिव गुरु।
चल समारोह के बाद नगर भोज का आयोजन
भागवत समापन पर चल समारोह निकाला गया। चल समारोह का नगर में विभिन्न संस्थाओं समाजों द्वारा मंच लगाकर स्वागत किया गया। चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गो से होकर पुन: पुलिस थाना ग्राउंड कथा स्थल पर पहुंचा। जहां नगर भोज का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ली।
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source https://www.bhaskar.com/mp/nagda/news/mp-news-where-there-is-selfishness-there-is-no-friendship-because-a-friend-never-has-any-selfishness-shivguru-064210-6215831.html
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