बर्ड फ्लू की आशंका के बीच शुक्रवार को शिप्रा नदी के किनारे कालिदास उद्यान के पास दो कौए और मृत मिले। कार्तिक मेला मैदान में तीन दिन से मृत पड़ा कौआ अब भी नहीं उठाया गया है। इसी मैदान के पास बच्चे खेलते हैं और नगर निगम का संधारण कार्यालय भी है। जिले में अब तक 40 कौए और 6 कबूतर की मौत हो चुकी है।
पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक डॉ. एचवी त्रिवेदी ने बताया इसे बर्ड फ्लू नहीं कहा जा सकता। जिले से भेजे गए 7 मृत कौओं के सैंपल में से 2 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ऐसे में इसे क्रो फ्लू कह सकते हैं। इसका कारण मावठा रहा है। अब तापमान में बढ़ोतरी हो गई है तो थोड़ी राहत मिलेगी। प्रशासन और नगर निगम का अमला अलर्ट हो चुका है। शुक्रवार सुबह निगम के स्वास्थ्य विभाग के अमले ने जोन 2 के वार्ड 16 में फाजलपुरा स्थित 8 मीट की दुकान बंद करवाई। साथ ही सभी को समझाइश दी कि जब तक बर्ड फ्लू है तब तक दुकानें बंद रखें। सीएसआई पुरुषोत्तम दुबे ने बताया मुर्गा-मुर्गियों को दुकानों से वापस पोल्ट्री फाॅर्म भेजा है। इसी तरह तोपखाना, फ्रीगंज सहित शहर के आसपास चिकन की दुकानों को बंद करवाया।
बांसखेड़ी में 12 कौए मृत मिले
बांसखेड़ी गांव में 12 कौए मृत मिले हैं। पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक ने ग्रामीणों से आग्रह किया है वे मृत कौओं को खुला न छोड़ें। उन्हें मिट्टी में दफना दें। इससे वायरस नहीं फैलेगा। उनका कहना है कि पोल्ट्री फाॅर्म पर भी निगरानी रखी जा रही है।
विदेशी पक्षियों के कारण मौत का मामला नहीं
कौओं की मौतों को देखते हुए उज्जैन बर्डिंग क्लब के अनुराग छजलानी ने सभी तालाबों का सर्वे किया, जिसमें विदेशी पक्षियों में बर्ड फ्लू के कारण मौत होने का एक भी मामला सामने नहीं आया है। पक्षी अपने उड़ने के स्वभाव से किसी सीमा को नहीं समझते। वे बीज फैलाने का काम बखूबी करते हैं। ऐसे में किसी फ्लू के फैलने का खतरा पक्षियों से सबसे अधिक रहता है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/news/two-crows-and-dead-near-kalidas-udyan-corporation-closed-chicken-shops-128104073.html
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