साहब! हम सब महू तहसील के भगोरा गांव से आए हैं। भगोरा में पानी की टंकी थी जिसे ग्राम पंचायत के पूर्व सचिव (मंत्री) अंबाराम पिता केवलराम ने तुड़वाकर कब्जा कर लिया। अब हम अन्य जगह पानी भरने जाती हैं तो आदिवासी होने के कारण हमसे भेदभाव कर पानी नहीं भरने दिया जाता। इसकी शिकायत हमने महू तहसील में भी की लेकिन किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
मंगलवार को 50 से अधिक महिलाओं के साथ कलेक्टोरेट पहुंचीं रामकली और गुलाब बाई ने अधिकारियों को यह शिकायत की। देर से आने के कारण वे जनसुनवाई में अपनी बात नहीं रख पाईं। बाद में अधिकारियों ने अलग से उनकी समस्या सुनी। अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच करने और जो भी जिम्मेदार होगा उस पर एक्शन लेने का बात कही।
बेटों को जमीन दे दी, अब उन्होंने हमें ही घर से निकाल दिया
साहब, मैंने जिंदगीभर जो कमाया, उससे 70 बीघा जमीन खरीदी और दोनों बेटों में बराबर बांट दी। अब उन्होंने हमें ही घर से बाहर कर दिया। हमारे पास रहने का कोई ठिकाना नहीं है। पत्नी के साथ पहुंचे तलावली गांव के निवासी बुजुर्ग दौलतराम अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर यह शिकायत करते हुए बिलख पड़े। अपर कलेक्टर पवन जैन ने कहा दोनों पुत्रों को बुलाकर कार्रवाई करेंगे।
हाथोहाथ हुए आठ लाख रुपए स्वीकृत
सेमलया चाऊ गांव से कैलाश पाटीदार पोती को साथ लेकर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को बताया उनके पुत्र और बहू की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी। पोती भी दिव्यंग अपाहिज है। सहारे के लिए कुछ भी नहीं है। बच्ची का उपचार भी नहीं करा पा रहे। जिला पंचायत सीईओ हिमांशु चंद्र ने पुत्र और बहू की मौत पर मौके पर ही चार-चार लाख रुपए देने की मंजूरी दी।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/sir-the-former-secretary-broke-the-tank-of-the-village-being-tribal-people-do-not-even-let-us-fill-water-from-the-well-128092072.html
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