छावनी परिषद पचमढ़ी ने बुधवार को अपने स्वामित्व की 12 दुकानों को सील कर दिया गया है। दुकानदारों के द्वारा दुकानों का किराया ना दिए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई है। दुकानदारों ने छावनी परिषद सीईओ से राहत दिए जाने की मांग की है।
छावनी परिषद के पूर्व पार्षद सुनील कोरी ने बताया कि जो 12 दुकानें सील की गई हैं, उससे उन दुकानों से जुड़े परिवारों के सामने संकट आ गया है। यह बात सही है कि कुछ दुकानदारों के द्वारा लंबे समय से किराया जमा नहीं किया गया था, और छावनी परिषद के द्वारा समय-समय पर इन दुकानदारों को नोटिस भी दिए गए थे। कार्रवाई के पूर्व दुकानदारों को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया था।
इसके बाद छावनी परिषद ने 23 दिसंबर को जारी नोटिस में दुकानदारों को अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया था। कोरी ने कहा कि बुधवार को जब दुकानों को सील किया जा रहा था, उस समय छावनी परिषद के अधिकारियों और दुकानदारों के बीच बातचीत हुई। जिसमें स्पष्ट हुआ कि छावनी परिषद के द्वारा दुकानदारों को अंग्रेजी भाषा में नोटिस जारी किए गए थे।
दुकानदार जमा करना चाहते हैं किराया
दुकानदार अंग्रेजी भाषा के जानकार नहीं होने के कारण नोटिस को समझ नहीं पाए। कोरी का कहना है कि दुकानदार किराया जमा करना चाहते हैं और कुछ दुकानदारों ने किराए की कुछ राशि जमा भी कर दी है। दुकानदारों का कहना है कि डैमेज चार्ज के रूप में छावनी परिषद के द्वारा जो जुर्माना आरोपित किया गया है, वह बहुत ज्यादा है और वर्तमान में आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए उसे माफ किया जाना चाहिए। मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर दुकानदारों को राहत दिए जाने की मांग पूरी के द्वारा की गई है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/news/12-shops-sealed-in-cantonment-board-for-non-payment-of-rent-shopkeepers-said-notice-was-in-english-we-could-not-understand-128096975.html
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