Saturday, November 23, 2019

प्लास्टिक प्लांट एक साल पहले हुअा शिफ्ट,भवन पर अब ठेकेदार का कब्जा

नगरपालिका ने प्लास्टिक नष्ट करने का प्लांट एक साल पहले कोठी बाजार से गोठाना में शिफ्ट कर दिया था। प्लांट शिफ्ट होने के बावजूद यहां काम करने वाला ठेकेदार और उसके कर्मचारी ही इस जमीन का उपयोग कर रहे हैं। इस कारण इस जमीन पर बनने वाली कचरा वाहन पर्किंग अाैर जीपीएस कंट्रोल रूम नहीं बन पा रहा है। वहीं यहां बनने वाला कचरा कॉल सेंटर भी नहीं बन पाया है। अभी नगर पालिका के 27 कचरा वाहनों में जीपीएस सिस्टम ताे लगा हुअा है लेकिन कंट्रोल रूम नहीं बनने के कारण सही मॉनिटरिंग नहीं हाे पा रही है।

नपा ने गेट और बाउंड्रीवॉल बनाना शुरू किया है। इन्हें हटाने के लिए नगरपालिका सख्ती नहीं की है। इस कारण बाजार में स्थित बेशकीमती जमीन पर आराम से ठेकेदार के कर्मचारी रह रहे हैं। ये लोग खंभों से बिजली के तार खींचकर चोरी की बिजली भी धड़ल्ले से जला रहे हैं। नगरपालिका को इस जमीन पर कचरा वाहनों की पार्किंग और जीपीएस सिस्टम कंट्रोल रूम बनाना है। इसके लिए यहां सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा चुके हैं।

बैतूल। कचरा प्लांट का वह भवन जिसमें ठेकेदार और उसके कर्मचारियों का है कब्जा।

ऐसे थे नजारे: ठेकेदार के कर्मचारी कर रहे इस जमीन का उपयोग

शनिवार दोपहर जब भास्कर टीम ने कोठी बाजार की इस जमीन का मुआयना किया तो यहां प्लास्टिक शेड में बाइक खड़ी थीं। शेड में ठेकेदार के तीन कर्मचारी बैठे थे। यहां कपड़े समेत अन्य सामान भी रखा था। इससे सटे दूसरे कमरे में घरेलू सामान रसोई गैस, पलंग समेत अन्य सामान था। इसमें खंभे से सीधे तार खींचकर बिजली जलाई जा रही थी। इस जमीन पर नपा के 22 कचरा मिनी ट्रक, तीन ट्रैक्टर और एक कांपेक्टर वाहन को खड़ा करने के लिए कचरा वाहन सेंटर बनाया जाना है। नपा ने यहां पर कबाड़ भी रख दिया है सीसीटीवी कैमरे भी लगा दिए हैं।

1 साल पहले गोठाना शिफ्ट हो गई मशीनें, फिर भी ठेकेदार का कब्जा

ठेकेदार ओम अग्रवाल को कचरे में से प्लास्टिक साफ करके इसे नष्ट करने का ठेका नपा ने दिया था। इसके लिए 2015 में बेलिंग मशीन, मेलिंग मशीन और फटका मशीनें बुलाई थीं। ठेकेदार को प्लास्टिक का कचरा छोटी कतरनों में परिवर्तित करके इसकी गठाने बनाना था। लेकिन ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया। कई बार नोटिसों के बावजूद काम शुरू नहीं होने पर पूरी मशीनें और प्लास्टिक नष्टीकरण प्लांट एक साल पहले गोठाना शिफ्ट कर दिया था। इसके बावजूद शहर के बीचोंबीच की इस जमीन पर कब्जा बरकरार है।

तीन बार अलग-अलग बनी योजनाएं

इस जमीन पर पहले 10 लाख लीटर क्षमता की पानी टंकी थी।

इस टंकी को 2010 में जर्जर घोषित करके नपा ने ब्लास्टिंग करवाकर उड़ाया था।

इसके बाद इस जमीन पर दूसरी नई टंकी निर्माण की योजना बनाई।

कुछ समय बाद इस योजना को बदलकर यहां कॉम्पलेक्स निर्माण की प्लानिंग की।

इसके बाद यहां फायर ब्रिगेड वाहनों का फायर स्टेशन बनाने की प्लानिंग की।

अब यहां पर कचरा वाहनों की पार्किंग और जीपीएस सिस्टम कंट्रोल रूम बनना है।

कोठी बाजार से प्लास्टिक नष्टीकरण प्लांट को गोठाना में शिफ्ट कर दिया है। यहां के कमरों में ठेकेदार का सामान रखा है कुछ कर्मचारी भी शायद रह रहे हैं। इन्हें हटवाया जाएगा। कोठी बाजार की जमीन पर कचरा वाहनों का मॉनिटरिंग सेंटर और पार्किंग बनाई जानी है। प्रियंका सिंह, सीएमओ, नपा



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Betul News - mp news plastic plant shifted a year ago building now occupied by contractor


source https://www.bhaskar.com/mp/betul/news/mp-news-plastic-plant-shifted-a-year-ago-building-now-occupied-by-contractor-064548-6014263.html

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