Tuesday, February 4, 2020

श्रीकृष्ण जैसा समाज सुधारक दूसरा नहीं: साध्वी


रेहकोला माता मंदिर पर चल रही भागवत कथा में उमड़ रहे श्रद्धालु

श्री कृष्ण सभी दृष्टिकोण से पूर्णावतार है। उनके जीवन में कहीं भी न्यूनता को जगह नहीं है। एक भी स्थान ऐसा नहीं है कि जहां कुछ कमी महसूस हो। आध्यात्मिक, सामाजिक, नैतिक या दूसरी किसी भी दृष्टि से देखेंगे तो मालूम होगा कि कृष्ण जैसा समाज सुधारक व उद्धारक दूसरा कोई पैदा ही नहीं हुआ है। श्री कृष्ण अपना जीवन इतना सुंदर और सुगंधित किया था कि जो कोई उनकी ओर देखता उसे वे अपने ही लगते थे। जो सबको अपनी तरफ खींचता है, आकर्षित करता हो उसी का नाम कृष्ण है। दबोह के रेहकोला माता मंदिर पर चल रही भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को साध्वी ऋतु पांडेय ने उक्त कथा श्रोताओं को सुनाई। साध्वी ने बताया कि हम कृष्ण के जीवन से सीख लें। हमारे मस्तिष्क में कृष्ण का विचार, ह्रदय में कृष्ण पर प्रेम, मुख में कृष्ण का नाम और हाथ मे कृष्ण का काम ऐसा हम सब का जीवन हो। हजारों वर्षों से कृष्ण के प्रेम और भक्ति में डूबी गोपिकाएं आज भी वृंदावन में रास करती हैं। हमारी भक्ति में कन्हैया के लिए वह प्रेम है तो उनकी लीला के दर्शक बन सकते हैं। परंतु संसार की विरक्तियों का असर इतना बढ़ गया है कि मनुष्य केवल भक्ति दर्शक बनकर रह गया है। कथा में पारीक्षित राम कुंअर दुबे पुत्री पन्नालाल चौधरी, दंदरौआ धाम के पंडित पवन शास्त्री, ग्वालियर से अमितानंद महाराज, नायब तहसीलदार अमित दुबे, शिवनारायण दुबे ने धर्म लाभ लिया।

रेहकोला देवी मंदिर पर भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण की लीलाओं से परिचित कराया गया ।



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Daboh News - mp news social reformer like shri krishna is not another sadhvi


source https://www.bhaskar.com/mp/bhind/news/mp-news-social-reformer-like-shri-krishna-is-not-another-sadhvi-080541-6548716.html

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