न्यायालय षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश का फैसला
न्यायालय षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म में साथ देने वाले दो आरोपियों को 20- 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20- 20 हजार रुपए का लगाया है। वहीं दुष्कर्म करने वाला आरोपी नाबालिग होने की वजह उसका मामला अभी बाल न्यायालय में विचाराधीन है।
एडीपीओ इंद्रेश कुमार प्रधान ने बताया कि इस प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक बीएल शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि 16 अगस्त 2017 की शाम करीब 5.30 बजे नाबालिग बालिका (15 वर्ष 6 माह) गांव के खेरे में शौच के लिए गई थी तभी जदवीर उर्फ जयवीर राजपूत (20) पुत्र शिवराज सिंह राजपूत नि ग्राम किटी, सोनू राजपूत (23) पुत्र प्रेमसिंह राजपूत निवासी ग्राम गुरयाची और नाबालिग बालक ने उसे धक्का देकर नरिया में पटक दिया जहां नाबालिग बालक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। दोनों आरोपी उसके हाथ पैर पकड़े रहे। घटना के बाद नाबालिग बालिका ने 16-17 अगस्त 2017 की रात मौ थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश ने इस मामले में जदवीर उर्फ जयवीर राजपूत (20) पुत्र शिवराज सिंह राजपूत नि ग्राम किटी, सोनू राजपूत (23) पुत्र प्रेमसिंह राजपूत निवासी ग्राम गुरयाची को दुष्कर्म में साथ देने का दोषी मानते हुए उन्हें 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 20-20 हजार रुपए का अर्थ दंड लगाया है। इसके अलावा आरोपीगण द्वारा अदा की गई अर्थदंड की राशि 40000 क्षतिपूर्ति के रूप में पीड़िता को देने का भी आदेश दिया है ।
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source https://www.bhaskar.com/mp/bhind/news/mp-news-minor-misdemeanor-two-youths-sentenced-to-20-20-years-in-jail-fined-20-20-thousand-062611-6681870.html
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