यह बात जिला न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गुना राजेश कुमार कोष्टा के निर्देशानुसार अंतर राष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस के अवसर पर बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं एवं उनका संरक्षण योजना, 2015 के तहत शाउमावि क्र-2 गुना में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में अपर जिला जज एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गुना एके मिश्र ने बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए। इसके साथ ही श्री मिश्र ने निशुल्क विधिक सहायता व विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं के विषय में भी जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में अपर जिला जज हर्ष सिंह बहरावत ने बताया कि देश में बच्चों के व्यापार के साथ ही उनके शारीरिक शोषण पर रोक लगे तथा बच्चों के खिलाफ होने वाली हिंसा व दुर्व्यवहार को रोकने एवं बच्चों के कानूनी अधिकारों के संरक्षण के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाने से ही बाल अधिकार दिवस का आयोजन सार्थक हो सकता है। इसके अलावा श्री बहरावत ने बाल अधिकार, मोटर व्हीकल एक्ट, बाल श्रम तथा सायबर अपराध के संबंध में भी जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपक शर्मा ने भारतीय संविधान के भाग 4 (क) एवं अनुच्छेद 51 (ए) में संविधान द्वारा प्रदत्त किए गए मौलिक कर्तव्यों के विषय में जानकारी देते हुए मौलिक कर्तव्यों के पालन का आव्हान किया तथा कार्यक्रम का संचालन भी किया।
कार्यक्रम में आभार व्याख्याता श्याम बिहारी शर्मा ने माना। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षाविद डीके जैन, नीलम गोयल, उषा गोयल, उमा कटियार, सुलेखा भार्गव, अमृत लता, दिव्या शर्मा, लता श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सौरभ वर्मा सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री शर्मा ने किया मौलिक कर्तव्यों के पालन करने का आव्हान
शासकीय उमा माध्यमिक विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस पर हुए कार्यक्रम में मौजूद न्यायाधीश।
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source https://www.bhaskar.com/mp/guna/news/mp-news-child-rights-day-will-be-meaningful-with-the-prevention-of-violence-against-children-and-protection-of-rights-072553-5990557.html
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