Thursday, November 21, 2019

हर 3 माह में छात्राओं को सिखाओ मॉकड्रिल, ताकि कर सकें सुरक्षा

सभी स्कूलों में हर 3 माह में एक बार छात्र-छात्राओं को मॉकड्रिल करना चाहिए, जिससे कि छात्र-छात्राओं में आपदा के दौरान स्वयं की सुरक्षा एवं दूसरों का बचाव सहजता एवं सरलता से किया जा सके। यह बात आपदा संबंधी कार्यशाला में टीम कमांडर संजीव कुमार ने कही।

उन्होंने कहा कि आए दिन होने वाली घटना दुर्घटना में यदि आप किसी का सहारा बन सकते हैं या आपके माध्यम से किसी की जान बच सकती है तो इससे अच्छा और क्या हो सकता है। अधिकतर देखा गया है कि होने वाली घटना दुर्घटना में जानकारी के अभाव में घायल व्यक्ति को समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण घायल व्यक्ति का ज्यादा मात्रा में बह जाता है जिससे उसकी मौत हो जाती है। यदि आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 80 प्रतिशत लोगों की मौत सिर्फ अधिक रक्त बहाव के कारण होती है। टीम कमांडर इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम के बारे में बताया कि किस प्रकार अलग-अलग प्रकार की आपदा में किस प्रकार अलग-अलग विभाग एक साथ मिलकर आपसी सहयोग से रिस्पॉन्स करते हुए आपदाओं से होने वाले खतरों को कम कर सकते हैं। कमांडर सहित टीम के 8 जवानों ने आपदा से बचाव के लिए छात्र-छात्राओं को जागरूक किया। टीम कमांडर संजीव कुमार ने शिक्षक शिक्षिकाओं सहित छात्र-छात्राओं को भूकंप, बाढ़, अग्निकांड, सर्पदंश, शार्ट सर्किट, पानी में डूबने, हार्ट अटैक के दौरान होने वाली समस्याओं और बचाव के बारे में डेमो से जानकारी दी। टीम ने बच्चों को कृत्रिम स्ट्रेचर, कृृत्रिम श्वांस, पट्टी बांधने के तरीके आदि के बारे में प्रयोगात्मक जानकारी दी। एसडीएम बृजेंद्र रावत, तहसीलदार निकिता तिवारी, सब इंस्पेक्टर भरत सिंह ठाकुर, दीपक परमार, उप निरीक्षक प्रेमलाल, सहायक उप निरीक्षक जीशान उल्लाह, मुख्य आरक्षक नीरज, धर्मेंद्र राय तथा पैरामेडिक्स विश्वजीत तथा जितेंद्र, सोमवीर, उमेश कुमार, प्रमोद मीना एवं शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

आपदा प्रबंधन की माॅकड्रिल करते कमांडर और छात्र-छात्राएं।



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source https://www.bhaskar.com/mp/raisen/news/mp-news-teach-mockdrills-to-girls-every-3-months-so-that-you-can-protect-073111-6000577.html

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