अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सोमवार को अहमदाबाद के साबरमती आश्रम पहुंचे। ट्रम्प से पहले कभी कोई अमेरिकी राष्ट्रपति यहां नहीं आया। ट्रम्प ने साबरमती आश्रम पहुंचने से पहले 22 किमी का रोड शो भी किया। ट्रम्प का विदेश में यह पहला रोड शो है। ट्रम्प के साथ उनकी प|ी मेलानिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी थे। राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रम्प की यह 24 वीं विदेश यात्रा है। इसे उनकी पांच सबसे चर्चित विदेश यात्राओं में से एक बताया जा रहा है। इसके पहले उत्तर कोरिया, जापान, ब्रिटेन और फ्रांस की यात्राओं को अलग-अलग कारणों से सबसे चर्चित बताया गया था।
साबरमती आश्रम के बाद ट्रम्प को लेकर मोदी मोटेरा स्टेडियम पहुंचे। यहां नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम में मोदी ने 21 मिनट भाषण दिया। मोदी ने कहा कि दो व्यक्ति हों या दो देशों के रिश्ते, उसका सबसे बड़ा आधार विश्वास है। भारत और अमेरिका की मजबूती का आधार एक जैसा है। एक को स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी और दूसरे को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर गर्व है। मोदी ने ‘नमस्ते’ शब्द का मतलब भी समझाया। उन्होंने कहा कि यह दुनिया की प्राचीनतम भाषा में से एक संस्कृत का शब्द है। इसका मतलब है कि हम किसी व्यक्ति के भीतर मौजूद आत्मसम्मान को नमन करते हैं।
मनमोहन, गुलाम नबी आजाद ने अस्वीकार किया डिनर का निमंत्रण
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने डोनाल्ड ट्रम्प के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में आयोजित डिनर का निमंत्रण अस्वीकार कर दिया है। हालांकि नबी ने कुछ दिन पहले निमंत्रण स्वीकार किया था। उन्होंने सोमवार को राष्ट्रपति भवन को जानकारी दी कि वे मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सम्मान में आयोजित राज्य भोज में शामिल नहीं होंगे। राष्ट्रपति भवन ने अधीर रंजन चौधरी और आजाद को लोकसभा और राज्यसभा में प्रमुख विपक्षी दल के नेताओं के तौर पर डिनर के लिए आमंत्रित किया था। अधीर रंजन ने कहा है कि वह इसलिए नहीं जाएंगे, क्योंकि उनकी पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी को निमंत्रण नहीं दिया गया।
30 साल पुराना है ट्रम्प-ताज का रिश्ता, तब वे दिवालिया हो गए थे
ट्रम्प और ताज महल का रिश्ता करीब 30 साल पुराना है। जुलाई 1988 में उन्होंने न्यू जर्सी में करीब 1600 करोड़ रुपए में ताज कैसिनो एंड होटल खरीदा था। 19 एकड़ में फैले इस होटल में 242 सुईट समेत 1200 कमरे थे। उस समय ट्रम्प ने कहा था कि मैं इसे दुनिया का आठवां अजूबा बनाऊंगा। इस पर उन्होंने करीब 600 करोड़ रुपए खर्च किए, लेकिन वे दिवालिया हो गए और हिस्सेदारी बेचनी पड़ी थी। इसके उद्घाटन में माइकल जैक्सन समेत कई दिग्गज हस्तियां पहुंची थीं।
ग्लोबल टाइम्स, चीन | अमेरिका चाहता है कि भारत का भू राजनीतिक महत्व बढ़े
चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा- ट्रम्प का दौरा यह दर्शाता है कि अमेरिका कैसे भारत का भू-राजनीतिक महत्व बढ़ाना चाह रहा है। अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपना मकसद हासिल करने के लिए चीन के पड़ोसियों को लुभा रहा है। कुछ चीनी लोग अमेरिका की हिंद-प्रशांत रणनीति को नजरअंदाज करते हैं, लेकिन अमेरिका ने चीन को रोकने की कोई कोशिश नहीं छोड़ी है।
द डॉन, पाक | अमेरिका फर्स्ट और मेक इन इंडिया के नारे से रिश्ते हुए बदतर
पाकिस्तानी अखबार द डॉन ने लिखा- अमेरिका- भारत के बीच कारोबारी संबंध लंबे समय से खराब चल रहे थे। ट्रम्प के अमेरिका फर्स्ट और मोदी के मेक इन इंडिया के नारे के कारण ये रिश्ते और बदतर होते जा रहे हैं। चीन से ट्रेड वॉर के बावजूद भारत-अमेरिका के बीच कोई बड़ा समझौता नहीं हो सका। इसका कारण यह है कि अमेरिका और भारत अपनी-अपनी बातों पर अड़े हुए हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स, यूएस| मोदी ने ट्रम्प को खुश करने भीड़ के आकार को चुना
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा- ब्रिटेन ट्रम्प के लिए बकिंघम पैलेस में डिनर रखता है। फ्रांस मिलिट्री परेड में शामिल होने का न्योता देता है। जापान में ट्रम्प को सूमो मैच दिखाने ले जाते हैं। इसी क्रम में भारत में पीएम मोदी ने ट्रम्प को खुश करने के लिए उनके पहले प्यार यानी ‘भीड़ के आकार’ को चुना। कार्यक्रम में 1 लाख से ज्यादा लोग आए।
पानी का कोई इंतजाम नहीं, 9 से 2.30 बजे तक प्यासे बैठे रहे लोग
सुबह 9 बजे लोग स्टेडियम पहुंचना शुरू हो गए थे। पास के जिलों से आए लोगों के लिए कलर कोड रखे थे, पर कलर कोड भूलने और पास न होने से कई लोगों को रोका गया। पानी का इंतजाम नहीं था। लोग सुबह 9 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक 35 डिग्री तापमान में बैठे रहे। 1.30 बजे मोदी, ट्रम्प और मेलानिया पहुंचे, तो पूरा स्टेडियम नमस्ते ट्रम्प के नारों से गूंज उठा।
ट्रम्प ने 5 नामों का गलत उच्चारण किया, हिंदी के ट्वीट में भी गलती
स्वामी विवेकानंद : स्वामी विवेकामॉनन्न कहा।
सचिन तेंडुलकर : तेंडुलकर के नाम का उच्चारण ट्रम्प ने ‘सुच्चिन तेंडुलकॉर’ किया।
विराट कोहली : कोहली को ‘विराट कोली’ बोल गए।
चायवाला : मोदी खुद को चायवाला बताते रहे हैं। ट्रम्प उन्हें ‘चीवाला’ बताया। कहा- कैफेटेरिया में काम करते थे।
शोले : शोले फिल्म को उन्होंने ‘शोजे’ उच्चारित किया।
वेद : वेदों के उच्चारण में भी ट्रम्प गलती कर गए। उन्होंने वेदाज के बजाय ‘वेस्ताज’ उच्चारित किया।
ट्वीट में गूगल ट्रांसलेशन से गलती: ट्रम्प ने ट्वीट किया- मैं इसीलिए भारत आया हूं, सद्भावना और प्रेम के साथ ताकि हम अपनी अभिलाषा प्रतीक अपनी साझेदारी और अविश्वसनीय विस्तार सकें।
ट्रम्प की रैलियों की पहचान बन चुके एल्टन जॉन के गाने मोटेरा में भी बजे
गुजरात में ट्रम्प के स्वागत के दौरान अमेरिकी गायक एल्टन जॉन के गाने बजाए गए। ये अमेरिका में ट्रम्प की रैलियों का प्रमुख हिस्सा रहे हैं। इसके अलावा ट्रम्प अक्सर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के लिए इन गीतों के वाक्यांशों का इस्तेमाल करते हैं। ‘रॉकेट मैन” एक ऐसा ही उदाहरण है, जो उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के लिए इस्तेमाल किया था।
{ट्रम्प ने भाषण में शाहरुख-काजोल की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे\' का जिक्र किया। 2015 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी भारत आए थे। तब उन्होंने अपने भाषण में कहा था- सेनोरिटा, बड़े-बड़े देशों में छोटी-छोटी बातें होती रहती हैं।
राष्ट्रपति ट्रम्प का भारत दौरा चुनावी अभियान और चीन को चुनौती का इशारा
साबरमती आश्रम
में 20 मिनट रुके
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, उनकी प|ी मेलानिया ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद में साबरमती आश्रम पहुंचे। तीनों यहां करीब 20 मिनट रुके। पहले ट्रम्प और मोदी ने महात्मा गांधी की तस्वीर पर सूत की माला चढ़ाई। फिर ट्रम्प और मेलानिया ने चरखा चलाया।
रिश्तों की डोर...देखो, टूटे ना
वर्ल्ड मीडिया
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स्टेडियम से लाइव
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source https://www.bhaskar.com/mp/dhar/news/mp-news-for-the-first-time-an-american-president-arrived-at-the-satyagrahi-saint39s-ashram-trump-also-did-the-first-road-show-abroad-071537-6705906.html
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