Friday, February 7, 2020

माता-पिता की सेवा से बड़ा कोई भी धर्म नहीं- आर्य


नगर में चल रही सप्त दिवसीय वैदिय श्रीराम कथा एवं महायज्ञ के अंतर्गत चतुर्थ दिवस पर प्रातः महायज्ञ का लाभ सुरेश भावसार के द्वारा लिया गया। तत्पश्चात दोपहर में कथा का वांचन सुश्री अंजली जी आर्य ने करते हुए भगवान श्रीराम वनवास प्रसंग का वर्णन किया।

कथा में कौशल्या जी का उदाहरण देकर समझाया की सास का व्यवहार बहुओं के साथ कैसा होना चाहिए। धूम्रपान व व्यसन से होने वाली हानि को समझाते हुए इसे त्यागने के लिए प्रेरित किया। मान के रूप में बली प्रथा का भी विरोध किया। अपनी मान के लिए किसी अन्य जीव की हत्या करना कतई सही नहीं हैं। पूर्व विधायक लालजीराम मालवीय, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मधु गेहलोत, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राजकुमार गौरे, युसुफ हुसैन बोहरा, एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विपिन वानखेड़े के पिताजी वसंतराव वानखेड़े, जावेद मुल्तानी, शौकत शिशगर, देवराज ठाकुर ने भी कथा का श्रवण कर पुण्य का
लाभ लिया। तृतीय दिवस पर प्रसादी का वितरण राजकुमार गौरे द्वारा किया गया एवं चतुर्थ दिवस की प्रसादी का लाभ पूर्व सरपंच बहादुरसिंह द्वारा की गई।

सात दिवसीय कथा में अंजली आर्य ने भक्तों काे कथा का कराया श्रवण।



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BAROD News - mp news no religion is greater than the service of parents arya


source https://www.bhaskar.com/mp/shajapur/news/mp-news-no-religion-is-greater-than-the-service-of-parents-arya-063633-6572061.html

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