न्यायालय में चल रहे पति-प|ी के विवाद में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आरके भद्रसेन के प्रयासों से दो परिवार टूटने से बच गए। न्यायाधीशों ने पक्षकारों के अभिभाषकों एवं पक्षकारों से चर्चा करने के बाद दोनों पक्षों में मध्यस्थता कराते हुए आपस में राजीनामा करा दिया।
न्यायालय परिसर में ही न्यायाधीश के सामने दोनों पति-प|ी ने एक दूसरे को पहले तो माला पहनाई और मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया। दोनों परिवारों में जीवन की कटुता को दूर करने का संकल्प लेते हुए जीवन पर्यंत दांपत्य जीवन सौहार्द एवं शांति के साथ व्यतीत करने का न्यायाधीश आरके भद्रसेन के समक्ष संकल्प लिया। सुमेर गांव निवासी नवीन कुमार साहू का देहगांव निवासी अपनी प|ी चैतन्य साहू से अगस्त 2017 से वैवाहिक संबंधों की पुनर्स्थापना का मामला धारा 9 हिंदू अधिनियम का न्यायालय में विचाराधीन था। वही दूसरे दंपति नीरज विश्वकर्मा निवासी दमोह जिले के स्टेशन पथरिया का बेगमगंज निवासी उसकी प|ी काशीबाई विश्वकर्मा से इसी धारा के तहत 4 माह से न्यायालय में प्रकरण चल रहा था। नेशनल लोक अदालत ने दोनों दंपतियों के बीच प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आरके भद्रसेन एवं अपर लोक अभियोजक बद्री विशाल गुप्ता तथा पक्षकारों के अभिभाषक डीपी चौबे एडवोकेट, विधिक सेवा समिति की सहायक योगिता डेहरिया, आरएन रावत, इत्यादि के प्रयासों से ये संभव हो सका।
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source https://www.bhaskar.com/mp/raisen/news/mp-news-two-families-survived-the-breakup-of-the-judge-the-couple-garlanded-each-other-063628-6579300.html
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