बुंदेली संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के लिए बुंदेली उत्सव का आयोजन 16 फरवरी से 22 फरवरी तक पर्यटक ग्राम बसारी में किया जाएगा। पूर्व विधायक शंकर प्रताप सिंह मुन्नाराजा के संरक्षण में बुंदेली विकास संस्थान द्वारा आयोजित इस बुंदेली उत्सव का शुभारंभ विराट दंगल के साथ होगा। वहीं समापन लोकनृत्य राई व लोक गायन फाग के साथ होगा।
इस आयोजन को लेकर रविवार की दोपहर नारायाणपुरा रोड स्थित एक होटल में पत्रकार वार्ता अयाेजित कर 24वें बुंदेली उत्सव की जनकारी दी गई। इस दौरान पूर्व विधायक श्री बंुदेला ने बताया कि यह आयोजन बुंदेली कला को जीवित रखने के लिए प्रतिवर्ष अयोजित किया जाता है। आयोजन में मप्र के कई मंत्रियों व केंद्रीय मंत्रियों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन के दौरान बुंदेली व्यंजन, खेल, सिनेमा के साथ इस वर्ष बुंदेली गुलेलबाजी प्रतियोगिता भी शुरू की जा रही है। आयोजन प्रतिदिन बसारी के स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
उत्सव के दौरान इनका होगा सम्मान: बुुंदेली उत्सव में लोक साहित्य सर्जना के लिए पृथ्वीपुर के साहित्यकार उमाशंकर खरे उमेश व बुंदेली साहित्य आलोचना व समीक्षा के लिए दतिया के डॉ. केबीएल पांडेय को राव बहादुर सिंह बुंदेला सम्मान दिया जाएगा। इसी तरह बुंदेली संस्कृति अाैर भाषा प्रोत्साहन के लिए डॉ. दयाराम वर्मा बेचैन मऊरानीपुर को भी यही सम्मान से नवाजा जाएगा। बुंदेली इतिहास के लिए सागर विवि के प्रो. बृजेश कुमार श्रीवास्तव को दीवान प्रतिपाल सिंह बुंदेला सम्मान, लोकगायन के क्षेत्र में कार्य करने के लिए गायिका उर्मिला पांडेय को डॉ. नर्मदा प्रसाद गुप्त स्मृति सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। वहीं पत्रकारिता के क्षेत्र में दिए जाने वाले पं हरीराम मिश्र सम्मान को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के राजेश बादल अाैर प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में रविंद्र सोनकिया को प्रदान किया जाएगा। वहीं बुंदेली उत्सव में महत्वपूर्ण योगदान के लिए गौरिहार नरेश प्रताप सिंह स्मृति सम्मान को इस वर्ष पर्वत सिंह बुंदेला अाैर मालवी रचना के लिए डॉ. शैलेंद्र शर्मा को स्व हरगोविंद हमेल सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
बच्चों की प्रस्तुतियां से होगा कार्यक्रम का आगाज
16 फरवरी को रंगोली, चित्रकारी, बच्चों की प्रस्तुतियां, दंगल, कबड्डी, चौपड़, गिल्ली डंडा खेल होंगे। 17 को कबड्डी, खो-खो, चौपड़, गिल्ली डंडा, देशी नाव दौड़, बुंदेली सिनेमा का प्रदर्शन होगा। 18 को कबड्डी, खो-खो का फाइनल, रस्साकसी, बुंदेली सिनेमा का प्रदर्शन होगा। 19 को अश्व नृत्य प्रतियोगिता, बुंदेली व्यंजन प्रतियोगिता होगी। 20 को बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता, सांध्यकालीन कार्यक्रम बधाई, कछयाई, दिवारी, बुंदेली पोषाक, अहिरवारी बैठक, बुंदेली कीर्तन, कहरवा, गारी, बनरे, ख्याल और दादरा होंगे। 21 को सांध्यकालीन कार्यक्रम लमटेरा, दलदल घोड़ी, बहरूपिया, गोंटे, कार्तिक गीत, आल्हा, बिलवारी, कांडरा, रावला, सोहरे और ढिमरयाई होगी। वहीं कार्यक्रम के अंतिम दिन 22 फरवरी को निशानेबाजी व गुलेल प्रतियोगिता और सांध्यकालीन कार्यक्रम में फाग, राई के साथ समापन होगा।
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source https://www.bhaskar.com/mp/chhatarpur/news/mp-news-the-festival-of-bundeli-festival-will-be-started-from-dangal-the-curtain-will-fall-from-the-eyes-of-rai-070536-6587498.html
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