छोटा महादेव भोपाली में महाशिवरात्रि पर जिले का सबसे बड़ा मेला गुरुवार से शुरू हुआ। करीब 300 फीट ऊंची पहाड़ी और 290 सीढ़ियां चढ़कर भक्तों को गुफा में शिवलिंग के दर्शन होते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव जब भस्मासुर से बचने के लिए भाग रहे थे, तब उन्होंने यहां विश्राम किया था। इसके बाद वे पचमढ़ी पहुंचे। छोटा महादेव भोपाली में दर्शन के लिए प्रदेश ही नहीं, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से भी हजारों भक्त आते हैं। आस्था है कि यहां भोलेनाथ को त्रिशूल भेंट करने से मन्नतें पूरी होती हैं। शिवरात्रि पर आदिवासी समाज द्वारा विशेष पूजा की जाती है। भक्त भोलेनाथ को त्रिशूल के साथ गुलाल, सिंदूर, कपूर, खराक, सुपारी आदि सामग्री अर्पित करते हैं।
सालबर्डी के बाद पचमढ़ी गए थे भोलेनाथ
मंदिर के पुजारी इंदरसिंह कासदे ने बताया कि जिस समय भस्मासुर नामक राक्षस भगवान शंकर के पीछे लगा था, उस समय भगवान ने भस्मासुर से छिपने के लिए बैतूल के कुछ स्थानों पर विश्राम किया था। जिनमें प्रभातपट्टन के पास झीरी, उत्तम सागर, शिवधाम सालबर्डी, धारुल अंबा माई, आठनेर के पास गुप्तेश्वर शिव धाम एवं छोटा महादेव भोपाली में कुछ समय बिताने के बाद यहां से चौरागढ़ पचमढ़ी पहुंचे थे।
ऐसी रहेगी मेले की व्यवस्था
{ट्रैफिक कंट्रोल के लिए मेला परिसर के बाहर भारी वाहनों की व्यवस्था होगी।
{ दोपहिया वाहनों सहित आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मेला स्थल पर पार्किंग की सुविधा।
{ मेला परिक्षेत्र में जनपद पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, पशु चिकित्सा विभाग का कार्यालय होगा।
{ एलसीडी के माध्यम से पहली बार लाइव दर्शन की व्यवस्था।
{ सीसीटीवी कैमरे से मेले की निगरानी।
{ पहली बार दानपेटी पर लगेगा सरकारी ताला।
{ पूरे मेला क्षेत्र में पुलिस ने तैयार किए हैं 20 प्वाइंट।
भोपाली मेले का मनमोहक दृश्य ड्रोन कैमरे में कैद
पहाड़ी में दरारें, काला बाबा जाने पर रोक
तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा ने बताया इस बार भोलेनाथ के दर्शन गुफा के बाहर लगी एलसीडी से होंगे। यहां पर पहाड़ी में दरारें आने से प्रशासन ने काला बाबा स्थान पर जाने के लिए रोक लगा दी है। मेला स्थल पर सतत विद्युत आपूर्ति एवं पेयजल के इंतजाम स्वच्छ पानी शौचालय की व्यवस्था की है।
भोपाली में दर्शनीय स्थल
अंबा माई, पवित्र गुफा, भोपाली महादेव, काला बाबा देव स्थान,गोशाला गुफा पूजन स्थान, कुएं के भोलेनाथ, चौरागढ़ भोलेनाथ, बाबाजी सिद्ध हनुमान मंदिर, सतपुड़ा की वादियों का सौंदर्य, प्राकृतिक झरने
घोड़ाडोंगरी । भोपाली मेले का एक दृश्य।
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source https://www.bhaskar.com/mp/betul/news/mp-news-bhopali-mela-started-on-mahashivratri-shivji-will-see-from-lcd-063552-6675902.html
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