आज इस तीर्थ के जैन मंदिर एवं गुरु मंदिर के द्वार का उदघाटन लाभार्थी परिवार ने किया। अब इस तीर्थ की व्यवस्था संभालना एवं प्रतिदिन भक्ति, पूजा पाठ करना बदनावर श्रीसंघ का कर्तव्य है। आप सभी प्रतिदिन यहां आकर दर्शन पूजन का नियम बनाएं। यह बात आचार्य ऋषभचंद्रजी ने प्रतिष्ठा समारोह के अंतिम दिन शंखेश्वर पुरम तीर्थ में पार्श्वनाथ जैन मंदिर एवं राजेंद्रसूरिजी मंदिर के द्वार उद्घाटन समारोह में कही। इसके पूर्व लाभार्थी परिवार के निवास से जुलूस निकाला। तीर्थ पहुंचने के बाद आचार्य ने द्वार पर वासक्षेप किया। लाभार्थी परिवार ने ताला खोलकर सभी को मंदिर में प्रवेश करवाया।
भक्तों ने 20 किलो चांदी दान में देने की घोषणा की : जिन मंदिर द्वार उद्घाटन का लाभ धन्नालाल बोराणा परिवार एवं गुरु मंदिर के द्वार का उद्घाटन का लाभ मगनबाई चंपालाल पगारिया परिवार ने लिया। आचार्य ने दोनों परिवार को अपना आशीर्वाद देते हुए महाराष्ट्र की ओर विहार किया। दोपहर में मुनि रजतचंद्रविजयजी काे आचार्य ने कामली अाेढ़ाई। मुनि मई में होने वाली दीक्षा के रजत जयंती वर्ष में ही श्रीसंघ एवं संस्थाओं की कामली ग्रहण करेंगे। श्रीसंघ के पुष्पेंद्र पगारिया ने बताया द्वार उद्घाटन के बाद प्रथम पूजा आदि के चढ़ावे हुए। प्रथम वासक्षेप पूजन मनीष बोकड़िया, चंदन पूजन अनिल गांधी, पुष्प पूजन धन्नालाल बोराणा, प्रथम आरती प्रकाशचंद अमित कुमार जैन ने लिया। गुरुदेव की प्रथम पक्षाल अमोलकचंद मोदी, केसर पूजन शिखरचंद, शरद, अजीत कुमार पगारिया, पुष्प पूजन नरेंद्र संघवी एवं प्रथम आरती विमलेश कुमार शैलेंद्र कुमार पगारिया परिवार ने की। पारसनाथ भगवान की प्रतिमा की चांदी की आंगी बनवाने का लाभ सुखराज कबदी, शांतिनाथ भगवान की मनीष कुमार मथुरालाल बोकरिया परिवार ने लिया। करीब 20 किलो चांदी भक्तों द्वारा दान में देने की घोषणा की। रविवार सुबह 9 बजे आचार्य विश्वर|सागरजी एवं आचार्य मृदुर|सागरजी का मंगल प्रवेश जैन धर्मशाला से होगा। प्रवेश के बाद आचार्य के प्रवचन जैन धर्मशाला में होंगे।
जैन मंदिर में द्वार उद्घाटन करते अाचार्य व लाभार्थी।
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source https://www.bhaskar.com/mp/dhar/news/mp-news-it-is-the-duty-of-srisangha-to-arrange-pilgrimage-and-worship-063522-6525210.html
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