Friday, February 21, 2020

प्राचीन तालाबों के संरक्षण पर नहीं दिया जा रहा ध्यान


जबेरा जनपद के परस्वाहा में सार्वजनिक तालाब का उपयोग करते हैं, इससे पूरे गांव के मवेशियों की प्यास बुझती है, लेकिन देखरेख न होने से पूरे तालाब का अस्तित्व संकट में है। तालाब के बंधान पर कब्जा किया जा रहा है। इतना ही नहीं पहले तालाब के बंधान पर टपरे रखे थे, लेकिन धीरे-धीरे अब दुकानें बना ली गईं।

अतिक्रमण भी कुछ इस तरह से किया गया है कि अब मवेशी भी पानी पीने के लिए तालाब तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। लंबे समय से कार्रवाई नहीं हुई है। दो साल पहले केवल नोटिस दिए गए थे, लेकिन कार्रवाई कुछ भी नहीं हुई। यही हाल क्षेत्र के मझगुवां मानगढ़, चिलौद, परस्वाहा, सगरा, चौपरा, बड़गुवां, डूमर, बलारपुर, मुवार, झरौली, जबेरा सहित जनपद के दर्जनों सार्वजनिक तालाब का है। इस साल भरपूर बारिश होने के कारण तालाबों में पर्याप्त मात्रा में पानी है, लेकिन गंदगी के चलते पानी अनुपयोगी साबित हो रहा है। इस संबंध में जनपद सीईओ अवधेश सिंह का कहना है कि प्राचीन उपयोगी तालाबों के संरक्षण के लिए ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया जाएगा।

पानी है, लेकिन गंदगी के चलते पानी अनुपयोगी साबित हो रहा है। इस संबंध में जनपद सीईओ अवधेश सिंह का कहना है कि प्राचीन उपयोगी तालाबों के संरक्षण के लिए ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया जाएगा।



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Banwar News - mp news preservation of ancient ponds is not being given attention


source https://www.bhaskar.com/mp/damoh/news/mp-news-preservation-of-ancient-ponds-is-not-being-given-attention-062518-6681303.html

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