Friday, February 21, 2020

गाैरी सराेवर में गिरने के बाद 20 मिनट तक उतराती रही कार बाहर निकलने की जद्दाेजहद में कांच ताेड़ा ताे डूबी जिंदगियां


15 साल बाद कांवर भरने गए थे बृजमोहन, जोड़ा बनाने के लिए चचेरे भाई चंद्रभान को भी ले गए थे

महाशिवरात्रि पर वनखंडेश्वर पर कांवर चढ़ाने के बाद भारौली खुर्द गांव के लोगों की कार गुरुवार-शुक्रवार की रात 2.40 बजे अचानक गाैरी सराेवर में गिर गई। इस दौरान करीब मिनट तक कार गौरी सरोवर के पानी के ऊपर उतराती रही। लेकिन जैसे ही बाहर निकलने की जद्दोजहद में लोगों ने कांच तोड़ा तो उसमें पानी भरते ही कार पानी में डूब गई। इससे कार के अंदर मौजूद तीनों लोगों की डूबने से मौत हो गई। जिन तीन लोगों की मौत हुई है, उनके साथियाें ने बताया कि एंडेवर कार में क्लिच नहीं होता। ड्राइविंग सीट पर बैठे युवक ने जैसे ही कार को स्टार्ट किया तो क्लिच के धोखे में पैर से एक्सीलरेटर दब गया और कार स्पीड में सीधे गौरी सरोवर के फुटपाथ को लांघकर पानी में जा गिरी। हालांकि कार के गिरते ही मौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने गोताखोरों के माध्यम से कार को रस्सा बांधकर खींचा लेकिन कांच टूटने से कार में पानी भर गया था। इसलिए खिंच नहीं पाई। बाद में क्रेन से कार बाहर निकवाई, तब तक कार के अंदर माैजूद चंद्रभान, बृजमोहन और बृजकिशोर उर्फ लला की मौत हो चुकी थी।

दरअसल, भारौली खुर्द निवासी बृजमोहन सिंह राजावत (50) पुत्र परमाल सिंह राजावत का ग्वालियर की गोवर्धन कॉलोनी में भी मकान है। वहीं वे गाड़ी का गैराज चलाते हैं। करीब 15 साल बाद इस महाशिवरात्रि पर उन्होंने कांवर भरकर लाने की इच्छा जताई। जोड़ा बनाने के लिए वे अपने चचेरे भाई चंद्रभान सिंह (25) पुत्र यदुनाथ राजावत को साथ ले गए। गांव के ही लला उर्फ बृजकिशोर (22) पुत्र सत्ते उर्फ सत्यनारायण पुरोहित भी भिंड से अपने एक दोस्त को लेकर उनके साथ कांवर भरने गए। गुरुवार की रात 1.30 से 2 बजे के बीच उन्होंने वनखंडेश्वर महादेव का गंगाजल से अभिषेक किया। इसके बाद वापस गांव जाने के लिए वे कार में बैठ गए । तभी यह हादसा हुअा, जिसमें तीनों की मौत हो गई।

महाशिवरात्रि पर एक साथ जली तीन चिताएं, शोक में डूबा गांव

भारौली खुर्द गांव में सिंध नदी के किनारे तीनों शवों को एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। बृजमोहन को उनके छोटे बेटे नीरज और चंद्रभान को उनके चचेरे भाई रोहित ने मुखाग्नि दी। वहीं बृजकिशोर को उनके भाई दीपक ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में मेहगांव विधायक ओपीएस भदौरिया, एसडीएम गणेश जायसवाल सहित तमाम लोग शामिल हुए।

आंखों देखी... कार के भीतर छटपटा रहे लोगों ने कांच तोड़ा तो कुछ ही देर में डूब गई कार

मैं, पंकज (बृजमोहन का लड़का) और उनकी मां चार-पांच लोग कल जल चढ़ाने के लिए गाड़ी से भिंड आए थे। गाड़ी पंकज चलाकर लाया था। करीब 12 बजे हम लोग गौरी सरोवर किनारे पहुंच गए थे। वहीं बृजमोहन, चंद्रभान, बृजकिशोर उर्फ लला रात में करीब 1.30 बजे से 2 बजे के बीच जल चढ़ाकर आए। उन्होंने कहा कि हम गाड़ी में बैठते हैं तब तक आप जल चढ़ाकर आगे मिलो। मैं पेशाब करने के लिए थोड़ा आगे जगह देखने लगा। चंद्रभान गाड़ी घुमाने लगा। तभी अचानक गाड़ी बहुत तेजी से गौरी सरोवर में जा गिरी। गाड़ी के तालाब में गिरते ही भगदड़ मच गई। करीब 15 से 20 मिनट गाड़ी तालाब में ऊपर तैरती रही। जब तक पुलिस वाले गोताखोर भोला को बुलाकर लाए तब तक गाड़ी के अंदर छटपटा रहे तीनों लोगों ने पीछे का कांच तोड़ लिया। पहले निकलने की आपाधापी बाहर तो कोई नहीं निकल पाया। गाड़ी में पानी भरने से गाड़ी तालाब में पलट (डूब) गई। फिर अधिकारी लोग आए उन्होंने क्रेन बुलवाई। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और तीनों लोगों की मौत हो गई।

- जैसा बृजमोहन और चंद्रभान के चचेरे भाई अवधेश सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया।

एक्सीलरेटर पर पैर रखने से अचानक सराेवर में गिरी कार, ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट बोले- कांच न टूटता तो उतराती रहती कार

बीएसएफ टेकनपुर स्थित पाॅलीटेक्निक में अाॅटाेमाेबाइल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि कार को बेस फिलिंग मेट लगवाकर पैक करवा देते हैं। इससे कार में हवा और पानी प्रवेश नहीं कर सकता। यदि कार को पूरी तरह नीचे से पैक करवाया है और कांच बंद हैं तो कार पानी के ऊपर उतराती रहेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसी स्थिति में कार का (डेनसिटी) घनत्व पानी के घनत्व से कम रहेगा। जैसे ही कांच टूटा ताे कार में पानी प्रवेश कर गया। इससे कार का वजन बढ़ गया यानी कार का घनत्व पानी के घनत्व से ज्यादा हाे गया। इसलिए कार डूब गई। यदि कार में मौजूद लोग आपाधापी में कांच न तोड़ते तो उन्हें घुटन तो हो सकती थी लेकिन कार डूबती नहीं। बंद कार में इतनी ऑक्सीजन तो रहती है कि दो से तीन लोग करीब आधा से पौन घंटा जीवित रह सकें।

अवधेश सिंह।

एक्सपर्ट व्यू... कांच न टूटने तक कार का घनत्व पानी से कम था, लेकिन कांच टूटते ही पानी प्रवेश कर गया अाैर कार का घनत्व बढ़ गया, इससे कार डूब गई


गाैरी सराेवर में वह कार जो पीछे का कांच फोड़ने से डूब गई थी।

गाैरी सराेवर में से क्रेन द्वारा निकाली गई कार। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जुट गई थी।



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Bhind News - mp news after plunging into gaari saraver the car kept on descending for 20 minutes in the struggle to get out of the glass
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source https://www.bhaskar.com/mp/bhind/news/mp-news-after-plunging-into-gaari-saraver-the-car-kept-on-descending-for-20-minutes-in-the-struggle-to-get-out-of-the-glass-062555-6681862.html

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