अमृत योजना के तहत शहर में आरओ वॉटर सप्लाई के लिए विभिन्न इलाकों में लाइन डलवाई जा रही है। इसके लिए खुदाई के दौरान पूर्व से डली हुई नल-जल की लाइनें टूट रही हैं। इसके बाद कनेक्शन दुरुस्त कराए जाने में कंपनी द्वारा आनाकानी की जा रही है। बीते रोज शहर के नबादा बाग इलाके में कई नल जल कनेक्शन क्षतिग्रस्त होने के बाद बीते रोज आक्रोशित लोगों द्वारा खुदाई काम बंद करा दिया गया था। जिन लोगों द्वारा अपने स्तर पर कनेक्शन दुरुस्त कराए जा रहे हैं उन्हें कंपनी द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा है। नागरिकों द्वारा इसकी शिकायत प्रशासन को की जा रही है।
यहां बता दें आरओ वॉटर सप्लाई के लिए इन दिनों शहर के कई इलाकों में काम चल रहा है। इस दौरान क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी नियमानुसार काम करा रही कंपनी की बनती है। लेकिन कंपनी का अमला क्षतिग्रस्त कनेक्शन को दुरुस्त कराने में आनाकानी कर रहा है। बीते रोज नबादा बाग में इसी प्रकार की स्थिति बनने पर आक्रोशित लोगों ने खुदाई के लिए मशीन नहीं चलने दी तब कंपनी के अमले ने कहा कि वह टूटे कनेक्शन दुरुस्त कराने के लिए प्लंबर उपलब्ध करा देंगे। जबकि लोगों ने मांग की कि क्षतिग्रस्त कनेक्शन का पूरा खर्च कंपनी द्वारा उठाया जाना चाहिए। इसके दो दिन बाद कंपनी अमले ने कुछ कनेक्शन को दुरुस्त भी कराया। लेकिन इसके पहले जिन लोगों द्वारा अपने कनेक्शन स्वयं के खर्च पर दुरुस्त करा लिए गए उन्हें किसी भी प्रकार का भुगतान करने से इंकार कर दिया। अब लोगों ने निश्चय किया है कि वे इस प्रकार की धांधली की शिकायत प्रशासन को करेंगे। जिससे उनकी तरह अन्य शहरवासियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नियम सार्वजनिक करने की मांग को लेकर ज्ञापन देंगे
भिंड संघर्ष समिति की ओर से प्रशासन को ज्ञापन सौँपा जाएगा। इसमें शहर में चल रहे सभी विकास कार्यों का लेखा जोखा सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाने की मांग की जाएगी। समिति के सदस्य शैलेंद्र सिंह द्वारा बताया गया कि इससे लोगों को पता लग सकेगा कि काम कितनी लागत का है। कौन सी एजेंसी काम करा रही है। एजेंसी की क्या- क्या जिम्मेदारी है। वर्तमान में शहर में आरओ वॉटर लाइन के अलावा सीवर लाइन का भी काम चल रहा है लेकिन किसी के भी द्वारा कहीं भी इन प्रोजेक्ट के बारे में कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
कंपनी मनमानी कर रही
खुदाई में हमारा नल जल कनेक्शन टूट गया। जब कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए तब खुद दुरुस्त कराया। इसमें खर्च हुई दो हजार रुपए की मांग की तो कंपनी अमले ने मना कर दिया।
विनय पाठक, नागरिक
शासन से करेंगे शिकायत
^जब नियम क्षतिग्रस्त कनेक्शन दुरुस्त कराने का है तब कंपनी का अमला क्यों आनाकानी करता है। इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई जाएगी।
रामसेवक यादव, नागरिक
8 दिन से खुदी पड़ी सड़क
नबादा बाग की ही हमारी गली में 8 दिन पहले खुदाई कराई गई थी लेकिन अब तक लाइन डलवाने का काम नहीं कराया गया। इससे लोगाें को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रमेश पाठक, नागरिक
कंपनी की जिम्मेदारी है
लाइन डालते समय टूटफूट होती है तो उसके दुरस्त कराने की जिम्मेदारी कंपनी की है। आनाकानी करने पर लोग शिकायत कर सकते हैं।
सुरेंद्र शर्मा, सीएमओ, नपा, भिंड
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/bhind/news/broken-tap-connections-in-line-excavation-are-now-inappropriate-in-paying-repair-costs-in-nawada-bagh-area-people-stopped-the-line-work-after-the-tap-connection-was-broken-127780230.html
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