Friday, October 2, 2020

उपयोग किए गए खाद्य तेल से कैंसर का खतरा; अब 3 बार इस्तेमाल हुए तेल से बनेगा बायोडीजल

(राहुल शर्मा) प्रदेश में अब ऐसे प्रतिष्ठान जहां रोजाना 50 लीटर कुकिंग ऑयल या इससे अधिक का उपयोग किया जाता है, अब ऐसे प्रतिष्ठानों के तीन बार तक इस्तेमाल किए गए तेल का उपयोग अब बायोडीजल बनाने में किया जाएगा। सरकार ने यह फैसला स्वास्थ्य कारणों के मद्देनजर लिया है।

यूज्ड कुकिंग ऑयल का खाद्य पदार्थों को तलने में बार-बार उपयोग करने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है। संबंधित प्रतिष्ठान संचालक को ऐसे तेल का प्रति किलो 30 रुपए के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। इसके लिए रियूज्ड ऑफ कुकिंग ऑयल (आरयूसीओ) योजना शुरू की गई है। इसके तहत ऐसा तेल बायोडीजल निर्माता द्वारा खाद्य कारोबारी से खरीदा जाएगा।

औचक निरीक्षण होगा... गड़बड़ी मिलने पर लगाया जाएगा जुर्माना
खाद्य सुरक्षा मप्र के नोडल अधिकारी अरविंद पथरोल ने बताया कि इसका फॉर्मूला भी है। जहां नमकीन, चिप्स आदि बनते हैं और 50 लीटर तेल का उपयोग रोजाना होता है, ऐसी स्थिति में अगर 100 लीटर तेल में 3 बार खाद्य पदार्थ को तला जाए ताे तेल आधा बचता है। इसके बाद तेल का उपयोग नहीं होना चाहिए।

एफएसएसएआई ने बायोडीजल बनाने वाली एजेंसियों को ऑयल खरीदने के लिए नामांकित किया है। मप्र में ऐसी 17 एजेंसी हैं। अधिकारियों ने बताया कि समय-समय पर फूड सेफ्टी ऑफिसर संबंधित प्रतिष्ठानों व कारोबारियों के यहां औचक निरीक्षण करेंगे। गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध जुर्माना व अन्य कार्रवाई की जा सकेगी।

तेल का बार-बार उपभोग करने से पड़ता है स्वास्थ्य पर असर
इस्तेमाल किए गए तेल का उपयोग बायोडीजल बनाने में किया जाएगा। बार-बार उपयोग किए गए तेल के उपभोग का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है।
- अभिषेक दुबे, संयुक्त नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन



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प्रतीकात्मक फोटो


source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/news/risk-of-cancer-from-used-edible-oil-now-biodiesel-will-be-made-from-oil-used-3-times-127775482.html

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