किसान संघर्ष समिति की महिला इकाई ने प्रदेश में महिला यौन उत्पीड़न के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने की मांग की है। शनिवार को महिला इकाई ने इस संबंध में एसडीओपी नम्रता सोंधिया और नायब तहसीलदार सृष्टि शाह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया।
महिला इकाई की आशा दोड़के, सविता बड़िये, प्रमिला सिसाैदिया, कमला पाठेकर, सावित्री बाई, नान्ही बाई, कमला पवार आदि ने कहा महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। महिला अपराध में मप्र देश में चौथे स्थान पर है। दुष्कर्म के प्रकरण में मप्र का पहला स्थान है। प्रदेश में महिला हिंसा की घटना लगातार बढ़ती जा रही है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए महिलाओं के यौन उत्पीड़न रोकथाम निषेध और निवारण अधिनियम के तहत शासकीय और गैर शासकीय कार्यालय में आंतरिक कमेटी गठित की जानी चाहिए। घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए।
महिला इकाई ने प्रदेश में शराब बंदी लागू करने की भी मांग की है। महिलाओं का कहना है शराब की वजह से भी महिलाओं पर अपराध हो रहे हैं। महिला इकाई ने महिलाओं के कार्यस्थल पर यौन हिंसा रोकने के लिए आंतरिक कमेटी गठित करने के निर्देश जारी करने की मांग की है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/multai/news/women-said-stop-domestic-violence-strictly-alcohol-should-be-implemented-in-the-state-127690655.html
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