शहर की लाइफ लाइन तिघरा बांध इस बार फुल टैंक लेवल से 1.70 फीट कम ही भरा जा सका है। अगस्त में बांध का लेवल तेजी से बढ़ा था, लेकिन सितंबर में बारिश नहीं हाेने के कारण लेवल बढ़ने की बजाय घटता गया। इस मानसून सीजन में तिघरा का सर्वाधिक जल स्तर 1 सितंबर काे 737.30 फीट दर्ज किया गया था। इसके बाद जल स्तर में गिरावट आती गई। रविवार को बांध का लेवल 736.35 दर्ज किया गया। इससे पहले 26 साल में 11 बार ऐसा हुआ था, जब तिघरा सितंबर में ही ओवरफ्लाे हुआ था। पिछले दाे साल 2018 और 2019 में बांध लगातार फुल हाेता रहा। इससे पहले 1994, 95, 96, 2003, 2008, 2010, 2011 और 2013 में बांध में पानी फुल टैंक लेवल तक पहुंच गया था। जबकि तब तिघरा के कैचमेंट में 400 से 682 मिमी तक बारिश दर्ज की गई थी। इस साल अभी तक तिघरा बांध के कैचमेंट में 500 मिमी बरसात दर्ज की गई है।
इस बार सिंध में भी नहीं आया पानी
इस बार तिघरा बांध फुल नहीं हाेने के पीछे एक वजह ये भी है कि सिंध नदी में ऊपर से पानी नहीं आया। तिघरा बांध सिंध नदी पर बना है और यदि सिंध नदी के ऊपरी क्षेत्र में मानसून की अच्छी बारिश होती है तो नदी का पानी तिघरा आता है, लेकिन इस बार ऐसा न हाेने से बांध पूरा नहीं भरा जा सका। हालांकि बारिश शुरू होने के बाद से तिघरा में 12 फीट पानी आया। इसमें से चार फीट शहर के पेयजल के लिए इस्तेमाल किया गया।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/tighra-was-filled-11-times-in-26-years-in-september-this-time-3-feet-empty-127759730.html
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