Tuesday, August 11, 2020

एक सेंटर भरता नहीं, नए की तैयारी में प्रशासन, डाॅक्टर्स की कमी बनी मुसीबत

कोरोना संक्रमितों के बढ़ने की संभावना पर प्रशासनिक तैयारियाँ जिस तरह चल रही हैं उससे डॉक्टर्स व मेडिकल स्टाफ की कमी का सामना करने की स्थिति बनने की संभावना तय मानी जा रही है। वर्तमान में कोरोना के बिना लक्षण वाले मरीजों को सुखसागर मेडिकल काॅलेज तथा रांझी ज्ञानोदय व विक्टोरिया अस्पताल में रखा जा रहा है, वहीं सामान्य व गंभीर लक्षणों के मरीजों को मेडिकल में उपचार दिया जा रहा है। तीन जगह मरीज होने पर वहाँ डॉक्टर्स व मेडिकल स्टाफ की भी ड्यूटी लगाई जा रही है, वहीं इन केंद्रों में कोई भी पूरा नहीं भर सका है। सुखसागर, ज्ञानोदय दोनों ही जगह अभी पर्याप्त बेड उपलब्ध हैं, वहीं अब रामपुर स्थित शासकीय भवन में एक और कोविड केयर सेंटर चालू करने की तैयारी हो रही है। अभी जो सेंटर चल रहे हैं वहाँ डाॅक्टर्स व मेडिकल स्टाफ तैनात है, जानकार मानते हैं कि एक सेंटर पूरा भरने की कगार पर हो तभी दूसरे की तैयारी की जानी चाहिए।

मौत से लिया सबक
पिछले दिन सुखसागर से एक महिला को मेडिकल में शिफ्ट किया गया जिनकी वहाँ मौत हो गई, इससे प्रशासन हरकत में आया है। अब यह तय किया जा रहा है कि 60 साल से ऊपर के संक्रमितों के साथ ही ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि के मरीजों को भी संक्रमित होने पर मेडिकल ही भेजा जाएगा।

विक्टोरिया में जाँच कराने लग रहा 2 घंटे से ज्यादा का समय
जिला अस्पताल में सैम्पल कलेक्शन का एक ही काउंटर होने के कारण वहाँ नमूने देने में काफी समय लग रहा है। पुरानी ओपीडी के जिन कमरों में यह व्यवस्था की गई है उनमें एक कमरे में डॉक्टर्स पेपर तैयार करते हैं उसके बाद दूसरे कमरे में सैम्पल लिए जाते हैं। सँकरे गलियारे में सोशल डिस्टेंसिंग जैसी कोई बात नहीं दिखती है। यहाँ कैदियों को जाँच के लिए लाए जाने पर कतार तितर-बितर हो जाती है। एक खिड़की से कागज बनवाने लोगों की भीड़ को देख यही कहा जा सकता है कि अस्पताल में ही नियमों का पालन नहीं हो रहा।

हर सेंटर में अभी पर्याप्त बेड खाली
सुखसागर मेडिकल काॅलेज में कोविड मरीजों के लिए 300 बेड लिए जाने की जानकारी है, लेकिन मंगलवार शाम को यहाँ सिर्फ 82 संक्रमित ही भर्ती थे, ऐसे में 218 संक्रमित यहाँ रखे जा सकते हैं। वहीं ज्ञानोदय रांझी में 130 बेड के दो ब्लॉक हैं वहीं गर्ल्स हॉस्टल के क्वारंटीन सेंटर को बंद कर वहाँ भी 50 पॉजिटिव रखने की तैयारी कर ली गई है। इस हिसाब से यहाँ 310 संक्रमितों को रखा जा सकता है, जबकि अभी वहाँ मात्र 71 मरीज ही हैं। विक्टोरिया के पॉजिटिव वार्ड में 36 बेड हैं जिनमें अभी सिर्फ 15 मरीज हैं। मेडिकल में सुपर स्पेशिएलिटी, कैंसर इंस्टीट्यूट व स्पाइनल इन्जुरी सेंटर में 256 बेड की उपलब्धता है जिनमें अभी 173 खाली बताए जा रहे।

मैन पाॅवर की आएगी कमी
मंगलवार शाम तक कोरोना के 585 एक्टिव केस हैं, जिनमें 90 होम आइसोलेशन में हैं। ज्ञानोदय में 71, सुखसागर में 82, विक्टोरिया में 15, स्पाइनल इन्जुरी सेंटर में 29 और सुपर स्पेशिएलिटी में 60 संक्रमित हैं। इन आँकड़ों में 347 मरीजों के घर या संस्थागत में होने की जानकारी है, शेष 238 मरीज निजी अस्पतालों में हैं। शासकीय सेंटरों व निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगभग बराबर ही है। अधिकारी ज्ञानोदय या सुखसागर को पूरा भरने की कगार पर आने पर ही दूसरे सेंटर को तैयार करना ठीक मान रहे हैं, वर्तमान में ही डॉक्टर्स व स्टाफ की कमी से जूझ रहे विभाग के सामने और मुसीबतें आएँगी।

कन्फर्मेटरी किट खत्म मेडिकल में होगी जाँच
जिला अस्पताल में ट्रूनॉट मशीन से कोविड जाँच की कन्फर्मेटरी किटें खत्म हो गईं हैं, इससे पहली जाँच में आए संभावित संक्रमित की जाँच मेडिकल काॅलेज की वायरोलॉजी लैब में प्राथमिकता के आधार पर होगी। मेडिकल की लैब का विस्तार होने से अब यहाँ 800 से अधिक टेस्ट एक दिन में हो सकेंगे। ट्रूनाॅट की प्रारंभिक जाँच में पॉजिटिव आने वालों के सैंपलों के साथ ही कुछ अन्य भी यहाँ भेजे जाने लगे हैं। मंगलवार को 315 सैम्पल मेडिकल व आईसीएमआर तथा 924 को सुप्राटेक लैब भेजा गया है। मंगलवार को शाम 6 बजे तक ट्रूनॉट मशीन में 11 जाँचें हुईं, वहीं 37 सैम्पल निजी लैब में भेजे गए हैं।

3 नये कंटेनमेंट जोन बने, 1 हटा
कोरोना वायरस के नये प्रकरणों के मिलने की वजह से शहर में 3 नये कंटेनमेंट जोन बनाये गये हैं। वहीं गोसलपुर कंटेनमेंट जोन को डिनोटिफाई कर दिया गया है। कलेक्टर भरत यादव ने इस बारे में आदेश जारी कर दिये हैं। शहर में नये बनाये गये तीन कंटेनमेंट जोनों में सिद्धबाबा में बिहारी मोहल्ला के आसपास का प्रभावित क्षेत्र, घमापुर में शीतलामाई मन्दिर के आसपास का प्रभावित क्षेत्र तथा सदर में अशोक मार्ग केनरा बैंक के आसपास का प्रभावित क्षेत्र शामिल है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/a-center-does-not-fill-up-administration-in-preparation-for-new-shortage-of-doctors-becomes-problem-127610339.html

No comments:

Post a Comment