Saturday, October 24, 2020

6 हेक्टेयर में तैयार हुआ कैक्टस गार्डन, 102 प्रजातियों के कैक्टस, अब समिति से संचालन करवाने की तैयारी में जुटा वन विभाग

सैलाना में करीब दो साल से की जा रही मेहनत अब रंग लाने लगी है। कैक्टस गार्डन के कारण देशभर में ख्यात इस नगर में अब एक और कैक्टस गार्डन तैयार हो चुका है। 6 हेक्टेयर में फैले गार्डन में 102 प्रजातियों के कैक्टस लगे हैं। इधर अब वन विभाग समिति के माध्यम से इस गार्डन का संचालन करने पर विचार कर रहा है। जल्द ही इसकी प्रक्रिया भी हो सकती है।
सैलाना के तालाब के किनारे करीब 6 हेक्टेयर में ये गार्डन तैयार किया गया है। गार्डन में 500 से ज्यादा प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। खासियत ये है कि यूं तो कैक्टस सिर्फ कांटे देते हैं, लेकिन अब यहां लगे पौधों में फूल भी खिलने लग गए हैं। डीएफओ डीएस डोडवे ने सैलाना में गार्डन का जायजा लिया है। साथ ही इस गार्डन काे समिति के माध्यम से संचालित करवाने को लेकर चर्चा भी की है।

1960 में सैलाना में बना था प्रसिद्ध कैक्टस गार्डन, कई फिल्मों की शूटिंग भी हुई, 500 से ज्यादा कैक्टस

सैलाना राजवंश के दिग्विजयसिंह ने 1960 में महल में कैक्टस गार्डन बनवाया। विदेशों में कैक्टस गार्डन देख उन्हें यह आइडिया आया था। यह गार्डन देशभर में अपनी पहचान रखता है। इसमें कई फिल्मों की शूटिंग भी हुई है। महल परिसर में कैक्टस की 1300 से ज्यादा प्रजातियां हैं।
बच्चों के लिए झूले चकरी भी लगेंगे
ईको टूरिज्म बोर्ड भोपाल से मिले फंड से गार्डन को तैयार किया है। अभी इस गार्डन में प्रवेश द्वार के साथ ही बैठने के लिए कुर्सियां भी लगाई गई हैं। गार्डन में बच्चों के लिए झूले चकरी लगाने का भी प्लान है। गार्डन में प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखा गया है।

^सैलाना का कैक्टस गार्डन तैयार हो चुका है। फूल भी आ रहे हैं। अब इसे समिति को हैंडओवर करने की तैयारी की जा रही है। विभाग टेक्निकल गाइडेंस देगा।
डीएस डोडावे, डीएफओ, रतलाम



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Cactus garden, prepared in 6 hectares, cactus of 102 species, now forest department is preparing to get the committee to operate


source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/cactus-garden-prepared-in-6-hectares-cactus-of-102-species-now-forest-department-is-preparing-to-get-the-committee-to-operate-127848001.html

No comments:

Post a Comment