Monday, October 5, 2020

महाकाल मंदिर में निर्माण के लिए पुरातत्व विशेषज्ञ की सेवा लेंगे, हेरिटेज मंदिर दिखाने के लिए 40 लाख का टेंडर निकाला, एएसआई और जीएसआई टीम एक बार और जांच के लिए आएगी

महाकालेश्वर मंदिर स्ट्रक्चर की सुरक्षा सबसे अहम हो गई है। अब मंदिर समिति निर्माण
और विकास कार्यों की निगरानी और प्लानिंग के लिए पुरातत्व से जुड़े विशेषज्ञों की सेवाएं लेगी। यह पुरातत्व विभाग के सेवानिवृत्त विशेषज्ञ हो सकते हैं।
महाकाल मंदिर में पर्यटन विकास और श्रद्धालुओं की सुविधा के नजरिए से नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। इन योजनाओं को अमली जामा पहनाने के पहले सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश दे दिए हैं कि समिति मंदिर का पुरातत्व वैभव कायम करे। मंदिर में की गई रंगाई-पुताई, चित्र आदि को हटाए। निर्माण और विकास कार्य पुरातत्व विशेषज्ञों की निगरानी में कराए जाएं। इसके लिए मंदिर समिति सक्रिय हो गई है। मंदिर समिति के दो बड़े प्रोजेक्ट फेसिलिटी-2 और महाकाल चौक शिखर दर्शन का काम भी शुरू हो गया है।

फेसिलिटी सेंटर-2 हालांकि मंदिर परिसर के बाहर बन रहा है लेकिन महाकाल चौक का काम परिसर में होना है। इसके अलावा नंदीगृह विस्तार, महाराजवाड़ा से महाकाल मंदिर अंडर पास जैसी योजनाएं अभी लागू होना है। इस कड़ी में पहला कदम उठाते हुए समिति ने मंदिर के पुरातत्व को उभारने के लिए 40 लाख रुपए का टेंडर किया है। प्रशासक एसएस रावत का कहना है कि इस ठेकेदार को पूरा काम पुरातत्व विशेषज्ञ की निगरानी में कराने को कहा है। इसके अलावा सेवानिवृत्त विशेषज्ञों को कंसल्टेंट के रूप में लिया जा सकता है।

सीबीआरआई की रिपोर्ट महत्वपूर्ण : नागचंद्रेश्वर पर नजर
एएसआई और जीएसआई की टीम दो दिन मंदिर में जांच-पड़ताल के बाद सोमवार को लौट गई। यह टीम 15 दिसंबर से पहले सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत कर देगी। दोनों टीमों ने मंदिर में शिवलिंग क्षरण की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की जांच पड़ताल की। यह टीम 15 नवंबर तक फिर से दौरा करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अभी जो जांच हो रही है, वह केवल फालोअप है। कोर्ट ने क्षरण रोकने के लिए जो निर्देश दिए थे, उनका पालन कितना हो रहा और इससे कुछ सुधार हुआ है या नहीं।

लेकिन सबसे महत्वपूर्ण सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की की रिपोर्ट है। यह रिपोर्ट मंदिर के स्ट्रक्चर की मजबूती को लेकर आएगी। इस रिपोर्ट से पता चलेगा कि मंदिर के स्ट्रक्चर की स्थिति क्या है और क्या सुधार करना होंगे। खासकर नागचंद्रेश्वर को लेकर आने वाली रिपोर्ट पर नजर है। नागचंद्रेश्वर परिसर की स्थिति कैसी है और उसके लिए मंदिर समिति क्या प्लान कर सकती है, यह रिपोर्ट बताएगी। मंदिर समिति ने नागचंद्रेश्वर दर्शन व्यवस्था के लिए नया प्लान बनाया है। प्लान की उपयोगिता भी रिपोर्ट से साबित होगी। स्मार्ट सिटी कंपनी और मंदिर प्रबंध समिति द्वारा बनाई गई योजनाओं पर भी इस रिपोर्ट का असर हो सकता है।



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Mahakal will hire an archaeologist for construction in the temple, tender 40 lakh to show the heritage temple, ASI and GSI team will come once more for investigation


source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/news/mahakal-will-hire-an-archaeologist-for-construction-in-the-temple-tender-40-lakh-to-show-the-heritage-temple-asi-and-gsi-team-will-come-once-more-for-investigation-127785017.html

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