Sunday, October 4, 2020

30 दिन में 60 लोगों से मिले प्लाज्मा को चढ़ाकर 120 संक्रमितों की बचाई जान; एक बार के डाेनेशन से दाे मरीजाें को दी जा सकती है थैरेपी

(अभिषेक शर्मा) काेराेना वायरस के संक्रमण पर जंग जीतने वाले लाेग अब दूसराें की जिंदगी बचाने के लिए प्लाज्मा देने आगे आ रहे हैं। शहर की कुछ संस्थाएं और समाजसेवी भी ठीक हाे चुके लाेगाें काे जागरुक करने का काम कर रहे हैं। पिछले 30 दिन में कोरोना से ठीक हो चुके 60 मरीजों ने प्लाज्मा डाेनेट किया है। एक मरीज के एक बार प्लाज्मा देने से दाे मरीजाें काे प्लाज्मा थैरेपी दी जा सकती है।

इस तरह पिछले तीस दिन में 60 मरीजाें से मिले प्लाज्मा काे 120 गंभीर काेराेना संक्रमिताें काे थैरेपी देकर उनकी जिंदगी बचाई गई है। डॉक्टर्स के मुताबिक काेराेना संक्रमण से ठीक हाेने के 15 दिन बाद 17 से 65 वर्ष का एक स्वस्थ व्यक्ति, जिसका वजन 50 किग्रा से अधिक हाे व 15-15 दिन के अंतराल में तीन बार प्लाज्मा दान दे सकता है। इस तरह एक ही प्लाज्मा डाेनर छह मरीजाें की जिंदगी बचा सकता है।

अस्पतालाें से जानकारी लेकर स्वस्थ मरीजाें के घर जाकर संपर्क करती है कैट की टीम
प्लाज्मा देने के लिए स्वस्थ हाे चुके मरीजाें काे जागरुक कर रहे कैट के जिलाध्यक्ष रवि गुप्ता के मुताबिक उनकी टीम जिला अस्पताल, जेएएच, सीएमएचओ कार्यालय से डिस्चार्ज हुए मरीजों की जानकारी लेती है, फिर यह पता करती है कि ऐसे कितने मरीज हैं जिन्हें कोरोना संक्रमण के बाद ठीक हुए 15 से 30 दिन बीत चुके हैं। इसके बाद हम लाेग मरीजाें से मिलकर उन्हें प्लाज्मा दान करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

रवि गुप्ता के अनुसार संक्रमण काे हरा चुके लाेगाें काे यह बताया जाता है कि प्लाज्मा दान करने से उन्हें कोई शारीरिक कमजोरी नहीं आएगी। प्लाज्मा दान करने से पहले उनके शरीर में एंटीबॉडी की जांच भी की जाती है। बकाैल श्री गुप्ता, गुजरे 30 दिन में 100 ठीक हो चुके मरीजों में एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए टेस्ट कराया गया। इनमें से सिर्फ 60 लोग ही ऐसे निकले, जिनमें एंटीबॉडी पाए गए। इन्हीं लोगों से प्लाज्मा डोनेट कराया गया।

प्लाज्मा देने के एवज में ब्लड बैंक लेता है 10 हजार रुपए लेकिन अब इसका विराेध शुरू
जाे लाेग नि:शुल्क प्लाज्मा दान करते हैं, उस प्लाज्मा को जेएएच के ब्लड बैंक में जमा कराया जाता है। उसके बाद काेराेना संक्रमिताें के परिजन कैट के जिलाध्यक्ष रवि गुप्ता से 9425112183, जय संचेत से 9329561157, उदित चतुर्वेदी से 9584257576, आयुष लड्ढा से 9407111111, मयूर गर्ग से 9826214555 ओर विपुल गुप्ता से 8349997888 नबरों पर कॉल कर संपर्क करते हैं।

इसके बाद ये लोग जरूरतमंद लोगों को ब्लड बैंक से प्लाज्मा उपलब्ध कराते हैं, लेकिन इसके एवज में ब्लड बैंक मरीज के परिजन से 10 हज़ार रुपए वसूलता है। रवि गुप्ता के मुताबिक इसे लेकर उन्होंने कलेक्टर से शिकायत की है। प्रशासन से हमने मांग की है कि दान में मिले प्लाज्मा के एवज में जरूरतमंद मरीजों से काेई शुल्क न लिया जाए। कलेक्टर ने इस मामले में सहयोग का भरोसा दिया है।

130 लोग आगे आए लेकिन 67 ही दे पाए प्लाज्मा
पिछले 1 महीने में 2 संस्थाओं के माध्यम से 67 लोगों ने प्लाज्मा दान किया है। हालांकि प्लाज्मा दान करने वाले करीब 130 लोगों ने ब्लड बैंक में जांच कराई, लेकिन सिर्फ 67 लोगों के शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडीज पाए गए। हम चाहते हैं कि जो लोग कोरोना वायरस से ठीक हो चुके हैं, वे ज्यादा से ज्यादा प्लाज्मा दान करने आगे आएं।
-डॉ. सुधा अयंगर, प्रभारी अधिकारी, जिला ब्लड बैंक



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रविवार को जेएएच की ब्लड बैंक में प्लाज्मा देते मनोज सरावगी।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/saved-120-lives-by-offering-plasma-from-60-people-in-30-days-one-time-donation-can-be-given-to-other-patients-127780364.html

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