कोरोना के चलते जिले में धार्मिक पर्व फीके रहे हैं। इसका असर दशहरा उत्सव पर भी साफ दिखाई दे रहा है। रविवार को नवमी के साथ दशहरा भी मना। कुछ लोग सोमवार को भी मनाएंगे। इसके लिए प्रशासन अनुमति के साथ भीड़ कंट्रोल करने व सभी व्यवस्था की जिम्मेदारी आयोजन समिति पर डाल रहा है। इससे आयोजन समितियां घबरा रही हैं। यही कारण है कि शहर में 50 साल में पहली बार सार्वजनिक रावण दहन नहीं हुआ है। नामदेव समाज ने रविवार को ही खानपुरा में रावण की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की। इधर, किसी ने बिना अनुमति गांधी चौराहा पर करीब 15 फीट का रावण खड़ा कर दिया। जानकारी मिलने पर तहसीलदार व शहर कोतवाली टीआई मौके पर पहुंचे व रावण का पुतला जब्त किया। मामले में जांच की जा रही है।
दशपुर दशहरा उत्सव समिति के नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि करीब 50 साल पहले जीवागंज में रामचंद्र पहलवान ने दशहरा उत्सव की नींव रखी थी। 15-20 साल जीवागंज में रावण दहन होता रहा। इसके बाद नवशक्ति गरबा मंडल ने कालाखेत में सार्वजनिक रावण दहन किया। 10-12 साल यहां आयोजन हुआ। समय के साथ जगह कम पड़ने लगी तो 1-2 साल हायर सेकंडरी स्कूल के मैदान में दशहरा उत्सव मनाया। भीड़ अधिक होने पर लोगों को निकलने में परेशानी हुई। इसके बाद कॉलेज ग्राउंड पर करीब 15 साल से दशपुर दशहरा उत्सव समिति आयोजन करती आ रही है। यह पहली बार है जब कॉलेज ग्राउंड पर रावण दहन नहीं हो रहा है।
सीसीटीवी फुटेज से पता करेंगे कि कौन लेकर आया था चौराहे पर रावण
चुनाव व कोरोना के चलते किसी भी आयोजन के लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य है। रविवार को अज्ञात लोग गांधी चौराहा पर करीब 15 फीट का रावण खड़ा कर गए। जानकारी मिलने पर तहसीलदार नारायण नांदेड़ा व शहर कोतवाली टीआई मौके पर पहुंचे। यहां कोई सामने नहीं आया कि किसने रावण खड़ा किया। अनुमति नहीं होने पर तहसीलदार ने नपा कर्मचारियों की मदद से रावण के पुतले को जब्त किया। शहर कोतवाली टीआई ने बताया कि शहर में लगे सीसीटीवी फुटेज की मदद से मामले की जांच की जाएगी। जिसने भी बिना अनुमति रावण खड़ा किया उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रावण के पैर में रक्षासूत्र बांधकर स्वास्थ्य की कामना की
नामदेव समाज ने रविवार को दशहरा पर्व मनाया। समाजजन ने सुबह खानपुरा स्थित रावण की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की। रावण के पैर में लच्छा (रक्षासूत्र) बांधकर स्वास्थ्य की कामना की। वहीं शाम को रावण की प्रतिमा के सामने आतिशबाजी कर प्रतीकात्मक रूप से किया। इधर, रविवार को नवमी मनाते हुए वसीटा धोबी समाज ने राम मंदिर में पूजा-अर्चना व हवन किया। बजरंग दल ने शस्त्र पूजन किया।
राधा-कृष्ण ग्रुप ने किए प्रयास, प्रशासन नहीं माना
शहर में दशहरे की परंपरा को जारी रखने के लिए राधा-कृष्ण ग्रुप प्रयास कर रहा था। ग्रुप के विश्वमोहन अग्रवाल ने बताया कि हमने परंपरा को जीवित रखने के लिए 15 फीट का रावण तैयार करा रखा है। भीड़ कंट्रोल करने के लिए प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने पर आयोजन निरस्त कर दिया।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/mandsaur/news/15-feet-ravana-erected-without-permission-at-gandhi-crossroads-administration-seized-127850842.html
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