वन अमले ने खिलचीपुर के कछोटिया गांव के पास खैर लकड़ी की तस्करी करने वाले वाहन के साथ लोगों को पकड़ा। इसके बदले मौके पर मौजूद वन अमले ने हजारों रुपए लेकर मौके से वाहन को छोड़ भी दिया, लेकिन यह सारा मामला ग्रामीणों ने कैमरे में कैद कर लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने तस्करी करने वाले वाहन को छोड़ने की सूचना डीएफओ सहित अन्य अधिकारियों को दी।
तो दोषी वन अमला अफसरों को घूस देने देर रात राजगढ़ भी पहुंचे, लेकिन मामले को लेकर फोटो वायरल होने पर किसी ने इनका साथ नहीं दिया। अब पिछले 24 घंटे से वन अमला खैर से भरे वाहन को तलाश रहा है, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। अब दोषी अमला पुलिस की मदद लेने में जुटा हुआ है।
जिलेभर में वन की मिलीभगत से करोड़ों रुपए की बेशकीमती लकड़ी की तस्करी हो रही है। कई बार तस्कर व वन अमला पकड़ा भी जाता है, लेकिन मामला उजागर होने पर सागौन, चंदन, खैर सहित अन्य कीमती लकड़ी को जब्त कर लिया जाता है।
गुरूवार देर शाम खिलचीपुर में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां पिकअप वाहन में खैर का अवैध परिवहन कर उसे ले जाया जा रहा था। वन अमले ने उक्त वाहन काे कछोटिया गांव में पकड़ा भी, लेकिन मौके पर ही लेनदेन कर उक्त वाहन को छोड़ दिया।
ग्रामीणों की माने तो मौके पर 30 हजार रुपए से अधिक वन अमले ने लिया है। बाकी की राशि बाद में देने की बात हुई। यह मामले को लेकर ग्रामीणों ने डीएफओ से शिकायत की, तो दोषी कर्मचारी बचने के लिए अधिकारी को देर रात रिश्वत देने पहुंचे। लेकिन मामला बिगड़ता देख अधिकारियों ने भी भ्रष्ट मैदानी अमले को संरक्षण नहीं दिया। अब 24 घंटे से वाहन को तलाशा रहा है, वहीं देर शाम पुलिस की मदद भी ली है।
पहले वाहन पकड़ा फिर छाेड़ा, ग्रामीणों ने पकड़ा तो भागे कर्मचारी
कछोटिया के ग्रामीणों की माने तो वन अमले ने खैर से भरे पिकअप वाहन को पकड़ा। मौके पर करीब आधे घंटे तक लेनदेन की बातें हुई। करीब 30 हजार रुपए ग्रामीणों के सामने वाहन में सवार लोगों से कर्मचारियों ने लिए, इसके बाद इस वाहन छोड़ दिया। बाकी की रकम आरा मशीन पर जाकर देने की बात हुई। इसी बीच ग्रामीणों ने खैर से भरे वाहन के फोटो वायरल कर डीएफओ से शिकायत कर दी।
24 घंटे से तलाश रहे वाहन लेकिन नहीं लगा सुराग वरिष्ठों ने लगाई फटकार
मामले की जानकारी डीएफओ एचएस मांझी को लगी तो उन्होंने वन अमले की फटकार लगाई, साथ ही डीएफओ ने खैर से भरे पिकअप वाहन को जब्त करने के लिए कहा है। इसके लिए महकमे के एक दर्जन से अधिक अधिकारी-कर्मचारी पिछले 24 घंटे से पिकअप वाहन और लकड़ी की तलाश कर रहे हैं।
पहले जब्ती की जाएगी फिर कार्रवाई करेंगे
मेरी जानकारी में मामला आया है, मैने वाहन व लकड़ी जब्त करने के लिए कहा है। पहले जब्ती हो जाए, इसके बाद जांच करके दोषियों पर कार्रवाई होगी।
-एचएस मांझी, डीएफओ राजगढ़।
मामला रफादफा करने देर रात अफसरों के लगाते रहे चक्कर
रिश्वत लेकर तस्करी की लकड़ी व वाहन को छोड़ने के बाद मामला बिगड़ा तो खिलचीपुर में पदस्थ वन अमला खुद को बचाने देर रात तक वरिष्ठ अफसराें के बंगले के आसपास घूमते दिखाई दिए, लेकिन बात बिगड़ने पर अफसरों ने इनकी मदद नहीं की। बल्कि वाहन को जब्त करने के लिए कहा है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/rajgarh/news/the-forest-staff-caught-the-car-full-then-left-the-transaction-on-the-spot-the-villagers-pulled-out-the-fato-and-complained-to-the-dfo-127687203.html
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