Tuesday, September 1, 2020

पहली बार ऐसा नजारा...बगैर साउंड सिस्टम के प्रतिमा विसर्जन करने निकले लोग, महेंद्र सागर जाने पर रोक

शहर के महेंद्र सागर तालाब स्थित विसर्जन कुंड पर श्रद्धालु गणेश प्रतिमा लेकर विसर्जन करने पहुंचे। श्रद्धालुओें ने भक्ति भाव के साथ घर में 9 दिनों तक गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना की। मंगलवार को अनंत चतुर्दशी पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

कोरोना काल के चलते जिला प्रशासन ने गाइड लाइन के अनुसार किसी प्रकार की रैली साउंड सिस्टम के साथ निकालने की अनुमति नहीं दी। चौराहों पर विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिए ट्रैक्टर खड़े किए, लेकिन किसी ने भी उसमें प्रतिमाएं नहीं रखी। खुद ही विसर्जन कुंड पर लेकर पहुंचे।

काेरोना काल में भी युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ। घरों में 9 दिनों तक विघ्नहर्ता की पूजा-अर्चना करने के बाद अनंत चतुर्दशी को धूमधाम के साथ विसर्जन किया। सुबह से ही तालाब स्थित कुंड पर गणेश विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया था। अपनी-अपनी बाइक से दो-दो लोग प्रतिमा विजर्सन करने कुंड पर पहुंचे।

महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुई। जहां सभी ने पूजा-अर्चना करके बारी-बारी से प्रतिमा विसर्जित की। इसके अलावा पूजन सामग्री को विसर्जित करने अलग-अलग स्थानों को चिंहित करके वहां पर रखवाई गई। सुबह से ही पुलिस प्रशासन का बल तैनात रहा। अन्य स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं को विसर्जित नहीं करने दिया। महेंद्र सागर तालाब जाने वाले रास्ते पर बैरीकेटिंग की गई। जिससे लोग सीधे कुंड पर पहुंचे। रात 8 बजे तक विसर्जन का सिलसिला चलता रहा।

श्रद्धा भाव के साथ लोगों ने अपने घरों में की गणेश प्रतिमा विसर्जित
जिले में अधिकतर लोगों ने परिवार के साथ मिलकर घर पर ही गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। शहर के नजरबाग के पास रहने वाले यश नायक ने बताया कि घर में मिट्‌टी की गणेश प्रतिमा की स्थापना की थी। 9 दिन तक परिवार के लोगों एक साथ पूजा-अर्चना की। इस आयोजन में परिवार के लोग एकत्रित हुए। एक गहरे बर्तन में शुद्ध पानी भरकर उसमें गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया। इसके बाद मिट्‌टी गलने पर वह पानी पेड़ों में डाला गया। वहीं गोवर्धन, गौरव, सौरभ, गनेश, पूर्वी नायक ने भी अपने घर पर गणेश विसर्जन किया है।

चौराहों पर खड़े किए ट्रैक्टर, किसी ने नहीं रखी प्रतिमा
कोरोना के चलते भीड़-भाड़ एकत्रित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा चौराहों-चौराहों पर ट्रैक्टर रखवाए गए थे। जिससे लोग की भीड़ वहां नहीं लगे और ट्रैक्टर में रखी प्रतिमाए विसर्जन कुंड पर ले जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। श्रद्धालु बाइकों पर बैठकर गणेश प्रतिमा को अपने साथ लेकर कुंड पर पहुंचे। जहां पर सभी ने अपने हाथों से प्रतिमाएं विसर्जित कराएं। एक भी ट्रैक्टर में प्रतिमाएं नहीं पहुंची।



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For the first time such a view ... People who went out to immerse the statue without sound system, stopped visiting Mahendra Sagar


source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/tikamgarh/news/for-the-first-time-such-a-view-people-who-went-out-to-immerse-the-statue-without-sound-system-stopped-visiting-mahendra-sagar-127677105.html

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