लॉकडाउन में कॉलेज के तीन छात्रों ने धोखाधड़ी करने का नया तरीका खोज लिया। वे किसी भी दुकान पर सामान खरीदने जाते और सामान लेने के बाद मोबाइल यूपीआई एप से पैमेंट करते। पैमेंट दुकानदार के खाते में नहीं भेजते हुए अपने ही दोस्त के खाते में ट्रांसफर करते थे और दुकानदार काे सक्सेसफुल का मैसेज दिखाकर सामान लेकर निकल जाते। कई बार इस तरह की धोखाधड़ी कर चुके छात्र इस बार धरा गए। तीनों पुलिस व आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे है।
नीलगंगा पुलिस ने नागदा के बिरलाग्राम में रहने वाले अमनसिंह सिसौदिया, समीर खान और राहुल यादव को गिरफ्तार किया है। तीनों के खिलाफ माधवक्लब रोड पर मोबाइल शॉप संचालित करने वाले नरेंद्र भाटिया निवासी केशवनगर ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। तीनों आरोपी भाटिया की दुकान पर 5 सितंबर की शाम पहुंचे थे। यहां से एयर बॉक्स व पॉवर बैंक खरीदा। मोबाइल एप पर दुकानदार को पैमेंट सक्सेसफुल का मैसेज दिखाकर जाने लगे। दुकानदार ने तीनों को रोक लिया व कहा कि मुझे पैमेंट का मैसेज नहीं आया, पहले मैसेज आ जाने दीजिए फिर सामान लेकर जाइएगा। यह सुन तीनों घबरा गए और निकलने लगे लेकिन दुकानदार को शंका हो गई तो उसने पुलिस को सूचना दे दी। जिसके बाद पुलिस ने तीनों को थाने ले जाकर पूछताछ की पता चला कि वे लॉकडाउन के बाद से इस तरह की ठगी कर रहे थे। सीएसपी रजनीश कश्यप ने बताया कि तीन वारदातें स्वीकारी है। इससे पूर्व तीनों ने फ्रीगंज स्थित नमामि कलेक्शन पर भी इसी तरह की धोखाधड़ी की थी। एक जगह का नाम आरोपियों को याद नहीं है तीनों से पूछताछ की जा रही है।
आरोपी पकड़ाए तो बोले- गलती हो गई, सीएसपी ने कहा- गलती
अमन सिसौदिया इंदौर के निजी कॉलेज से बीबीए कर रहा है। समीर भी इंदौर के ही एक अन्य कॉलेज में बीकाॅम का छात्र है व राहुल इसी साल कॉलेज में पहुंचा है। तीनों नागदा बिरलाग्राम के निवासी हैं और इंदौर में रहकर पढ़ाई करते है लेकिन धोखाधड़ी की वारदात करने उज्जैन आते थे। तीनों को जब पकड़ा तो बोले हम तो पुलिस व आर्मी भरती की तैयारी कर रहे है और गलती हो गई। सीएसपी कश्यप ने उनसे कहा कि गलती एक बार होती है बार-बार नहीं। तुम जो कर रहे थे वह गलती नहीं अपराध है।
यह घटना सभी के लिए सबक, जब तक आपके मोबाइल में पैमेंट का मैसेज नहीं आए भरोसा नहीं करें
राज्य साइबर सेल एसपी जितेंद्रसिंह ने कहा कि डिजिटल युग आ गया है इसलिए साइबर ठगी को ध्यान में रखते हुए बहुत अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। कोई भी ग्राहक अगर मोबाइल यूपीआई एप से पैमेंट करता है तो दुकानदार इस बात का ध्यान रखे कि तत्काल उसके खाते में पैसे आने का मैसेज मोबाइल पर आ गया। मैसेज देख, उसी पर भरोसा करे। सामने वाला मोबाइल में भले ही सक्सेसफुल का मैसेज दिखाए लेकिन पैसा जब तक आपके खाते में न आए किसी का भरोसा नहीं करना है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/news/after-purchasing-goods-shopkeepers-were-paid-by-upi-app-showing-message-of-successful-cheating-three-arrested-127693855.html
No comments:
Post a Comment