चिंतामन के आकासोदा गांव निवासी किसान टीकमसिंह 35 साल की खेत पर मकान में लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पत्नी ने घटना के बाद यह कहकर गुमराह किया कि बदमाश लूट करने आए थे जो घर से गहनें, लाख रुपए, मोबाइल और बाइक भी ले गए। मौके पर पहुंचे डीआईजी मनीष कपूरिया ने घटनास्थल पर ही कह दिया कि हत्या लूट के लिए नहीं की गई है। एफएसएल अधिकारी डॉक्टर प्रीति गायकवाड़ ने भी मृतक के शरीर का कड़कपन देख कहा था कि महिला घटना का जो समय बता रही है वह सहीं नहीं है, हत्या 8 से 12 घंटे पहले होना प्रतीत हो रही है। हुआ भी यहीं 14 घंटे बाद लूट की कहानी का पर्दाफाश हो गया। पत्नी ही हत्या की मास्टर माइंड निकली, उसने प्रेमी व उसके दोस्तों समेत भाई की मदद से पति को मौत के घाट उतार दिया।
शनिवार सुबह 6.30 बजे पुलिस को चिंतामन थाना के आकासोदा गांव में लूट व हत्या की सूचना मिली तो पुलिस महकमा सकते में आ गया। डीआईजी कपूरिया, एसपी मनोजसिंह के साथ मौके पर पहुंचे। पलंग पर टीकमसिंह की लाश पड़ी हुई थी और उसकी पत्नी रचना ने बताया रात में साढ़े तीन से चार बजे के बीच चार-पांच बदमाश घर में घुसे और लठ्ठ से पति पर हमला बोल दिया। मुझे चांटा मारा जिससे बेहोश हो गई। कुछ देर बाद होश आया तो पति की मौत हो चुकी थी। अलमारी में रखे गहने व लाख रुपए, मोबाइल व पति की बाइक नहीं थी। मैंने पड़ोसी जगदीश को जगाकर बताया बदमाश लूटपाट कर पति की हत्या कर फरार हो गए। पड़ोसी ने ही टीकम के भाई अभिजीत निवासी ऋषिनगर को घटना की सूचना दी व पुलिस को फोन किया। पुलिस को मौके पर लूट जैसे कोई संकेत नहीं मिले। इसके बाद मृतक की पत्नी को पूछताछ के लिए थाने भिजवा दिया। बच्चों से बात की तो उन्होंने कहा कि शाम को मम्मी ने पिताजी ने बहुत झगड़ा किया था। यहीं से पुलिस का शक यकीन में बदल गया और दिनभर चली मशक्कत के बाद रात 9.30 बजे लूट की झूठी कहानी का पर्दाफाश कर दिया गया।
शंका के 3 कारण जिनसे खुलासा हुआ
1 महिला ने बताया सुबह चार बजे पति की हत्या की गई, जबकि मृतक के शरीर का कड़कपन से मौके पर ही यह स्पष्ट हो गया कि हत्या 8 से 12 घंटे पहले की गई है।
2 घर का दरवाजा न टूटा न घर के अंदर लूट व संघर्ष के स्पष्ट निशान दिखाई दिए, जिससे यह भी साफ हो गया कि लूट हुई ही नहीं है।
3 पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर धवन व डॉक्टर रघुवंशी ने सिर में क्लॉट देखते ही यह बता दिया था कि मृत्यु करीब 10 से 12 घंटे पहले हुई है।
हमलावर बोले- पत्नी को पीटता था, गुस्से में अधिक पीट दिया
मृतक की पत्नी ही घटना की मास्टर माइंड निकली। उसने शाम को पति से झगड़ा होने के बाद साजिश के तहत भाई वीरेंद्र को घर बुलाया। उसने जीजा को शराब पिलाई फिर निकल गया। फिर प्रेमी रतन को फोन कर दिया। प्रेमी साथी ईश्वर के साथ टीकमसिंह के घर पहुंचा। रचना ने बच्चों को दूसरे कमरे में सुला दिया था। रतन ने साथी के साथ मिलकर टीकम को लाठी से इतना पीटा की शरीर में 15 जगह फ्रेक्चर हो गए, जिससे टीकम की मौत हो गई। महाकाल टीआई अरविंद तोमर ने आरोपियों से पूछताछ की तो वे बोले कि टीकम पत्नी को बहुत मारता था। उसे सबक सिखाने गए थे पर गुस्से में ज्यादा पीट दिया। हत्या के बाद लाश को नदी में फेंकने वाले थे। इसके लिए रतन रात रूका लेकिन फिर लगा कोई देख लेगा तो फंस जाएंगे, इसलिए सुबह होते ही निकल गया। फरार होने से पहले ही प्रधान आरक्षक राधेश्याम भावर, आरक्षक मनीष यादव व कुलदीप भारद्वाज ने गांव के प्रतिक्षालय से गिरफ्तार कर लिया। ईश्वर फरार है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/news/plot-with-brother-husband-murdered-by-lover-and-her-partner-127600376.html
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