नामी कंपनी कोराजन के नाम से नकली कीटनाशक बेचने वाले खाद-बीज विक्रेता के खिलाफ कृषि विभाग को सीड व फर्टीलाइजर एक्ट के तहत भी प्रकरण दर्ज करना था जबकि विभाग ने उसके खिलाफ केवल दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही की। अफसरों को उक्त दुकान से माल की जब्ती भी करनी थी जो कि नहीं की गई। संचालक उसी दुकान को किसी दूसरे नाम से लाइसेंस लेकर दोबारा शुरू कर लेगा, सात दिन में उसका लाइसेंस बहाल भी हो जाएगा।
इस बात से साबित होता है कि किस तरह कृषि विभाग के अफसर कार्यवाही के नाम पर केवल खाद-बीज, कीटनाशक की सैंपलिंग कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज देते हैं जबकि नियम है कि उस दुकानदार का पूरा माल विभाग के अफसरों को तब तक जब्त कर रखना चाहिए जब तक कि जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती। यहां पर जांच रिपोर्ट अमानक आ भी जाती है तो विभाग केवल दुकानदार का लाइसेंस व उस कंपनी की खाद-बीज या कीटनाशक की बिक्री पर प्रतिबंध लगा देता है। जिले में आज तक किसी भी खाद, बीज व कीटनाशक विक्रेता के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई ना ही अमानक खाद, बीज व कीटनाशक बेचने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कंपनी के अधिकारी को गवाह बनाया, कार्रवाई हमारी ओर से हुई
^मामले में दुकानदार का लाइसेंस निरस्त किया है। उसके खिलाफ कॉपीराइट एक्ट में भी कार्रवाई हुई है। जिसमें कंपनी के अफसर को गवाह बनाया है, कार्रवाई हमारी शिकायत पर हुई है।
संतोष पाटीदार, कृषि वरिष्ठ विस्तार अधिकारी
कंपनी के अफसर को करनी थी शिकायत, कॉपीराइट एक्ट में निरीक्षक को बना दिया फरियादी
गत शनिवार को छनेरा में उपाध्याय कृषि सेवा केंद्र पर नकली कोराजन कीटनाशक मिलने पर कृषि विभाग के सहायक संचालक, कृषि वरिष्ठ अधिकारी, एसएडीओ, निरीक्षक व एफएमसी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अफसरों ने संचालक आशीष उपाध्याय के खिलाफ कार्यवाही करते हुए दुकान से 60 एमएल की सात बोतल कोराजन कीटनाशक जब्त की थी। इसके बाद अफसरों ने इसकी शिकायत हरसूद थाने में की। थाने में निरीक्षक आमोदचंद दीक्षित की शिकायत पर कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63/65 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया जबकि यहां कंपनी के सीनियर अफसर को फरियादी बनकर शिकायत करनी थी जिसके आधार पर कॉपीराइट एक्ट में प्रकरण दर्ज होता। यहां कृषि विभाग को संचालक आशीष उपाध्याय के खिलाफ सीड एक्ट, फर्टीलाइजर एक्ट, आवश्यक वस्तु अधिनियम में कार्रवाई कर एफआईआर करवाना था। उसी दिन दुकान से माल भी जब्त किया जाना था। कार्यवाही को न्यायालय भी भेजा जाना था। विभाग को एफआईआर में नकली ब्रांड बेचने वाली कंपनी को भी पार्टी बनाना था। यहां पर विभाग द्वारा पूरी कार्रवाई ही गलत तरीके से की गई।
किसान चिंतित... बारिश नहीं होने से फसलों पर इल्ली का प्रकोप
गुड़ी | क्षेत्र में बारिश नहीं होने से फसलों पर इल्ली का प्रकोप बढ़ रहा है। इससे किसान चिंतित हैं। मक्का, सोयाबीन, मूंग, उड़द सहित अन्य फसलों पर इल्ली का प्रकोप बढ़ने से किसान कीटनाशक का छिड़काव कर रहे हैं। अब तक सामान्य से कम बारिश होने की वजह से कुआं-बावड़ी खाली है। किसान भोलाराम कनाडे ने बताया खरीफ की फसल खेतों में फलफूल रही है, लेकिन बारिश की लंबी खेंच ने चिंता में डाल दिया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/news/after-canceling-the-license-of-chhaneras-manure-seed-vendor-the-case-was-to-be-registered-in-the-seed-and-fertilizer-act-127610354.html
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