देवउठनी एकादशी के साथ वैवाहिक आयोजन शुरू हो गए हैं। लग्नसरा के कारण कृषि उपज मंडी में कपास की आवक कम हो गई है। व्यापारियों ने बताया किसान शादियों में गए है। इस कारण आवक कम हुई है। इस बार मंडी में 7 वाहन व 7 बैलगाड़ी कपास की आवक हुई।
भाव 3500 से 5225 रुपए क्विंटल रहा। जबकि पिछले सप्ताह मंडी में 12 वाहन व 12 बैलगाड़ी कपास की आवक हुई थी। भाव 3500 से 5230 रुपए क्विंटल रहा था। उधर, भवती रोड पर 150 क्विंटल कपास की खरीदी हुई। भाव क्वालिटी अनुसार 4200 से 5000 रुपए क्विंटल रहा। वहीं पिछले सप्ताह भवती रोड पर 200 क्विंटल कपास की आवक हुई थी। भाव क्वालिटी अनुसार 3500 से 5200 रुपए क्विंटल रहा था।
सेंधवा तक उपज बेचने जा रहे किसान
जिले में अंजड़, सेंधवा व खेतिया में सीसीआई द्वारा कपास की खरीदी की जा रही है। भाव ज्यादा मिलने के कारण बड़वानी व पाटी क्षेत्र के किसान अंजड़ व सेंधवा मंडी तक उपज लेकर जा रहे हैं। जानकारी अनुसार अंजड़ में अभी तक सीसीआई ने 70 हजार क्विं. खरीदी की है। काकड़ों का स्टाॅक ज्यादा होने की वजह से सीसीआई ने 30 नवंबर तक खरीदी बंद की है। अभी तक तीनों सेंटर पर 207288 क्विं. से ज्यादा कपास की खरीदी हो चुकी है।
मप्र में 22 लाख गठान उत्पादन का अनुमान
कॉटन व्यापारी कैलाश अग्रवाल ने बताया इस बार कपास का उत्पादन ज्यादा हुआ है। हमारे यहां के कपास की क्वालिटी, रेशा व शाइनिंग भी बेहतर है। इसके चलते इस साल मप्र में 22 लाख गठान उत्पादन का अनुमान है। जबकि पिछले साल मप्र से 16 लाख गठान का उत्पादन हुआ था। वहीं देश से 50 लाख गठान का निर्यात हुआ था। अभी देश से चायना, बांग्लादेश व वियतनाम कपास का निर्यात हो रहा है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/barwani/news/lagnasara-reduced-cotton-yield-in-the-market-127963858.html
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