कोरोना महामारी के चलते मार्च से किए गए लॉकडाउन से प्रशासन ने चंबल नदी के घाटों पर संचालित होने वाली नावों का संचालन बंद करा दिया था। लेकिन चंबल नदी के कछपुरा और मघेरा घाटों पर दबंगों द्वारा अवैध रूप से नावों का संचालन किया जा रहा है।
जिले के अटेर क्षेत्र से गुजरी चंबल नदी के घाटों पर आए आवागमन करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए जनपद पंचायत द्वारा नाव संचालन का ठेका नीलामी के माध्यम से कर ठेकेदारों को दिया जाता है। लेकिन इस वर्ष कोविड-19 संक्रमण काल के कारण प्रशासन ने 22 मार्च से किए गए देशव्यापी लॉक डाउन में चंबल नदी के अटेर-चिकनीपुरा (जैतपुर), महुआ, कनेरा, मघेरा आदि नाव घाटों पर ठेकेदारों द्वारा संचालित होने वाली नावों की ठेका बोली निरस्त कर नाव चलाने का संचालन आगामी आदेश तक बंद करा करा दिया गया था। इसका फायदा अवैध रूप से नाव चलाने वाले उठा रहे हैं। बताया जाता है कि इलाके के कुछ दबंगो ने करीब एक महीने से मघेरा एवं कछपुरा (कनेरा) घाट पर अवैध रूप से नावों का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां नाबालिग नाव चला रहे हैं जिससे कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
मघेरा घाट पर नाबालिग चला रहे नाव: चंबल के मघेरा घाट पर दबंगों द्वारा अवैध रूप से संचालित की जा रही नाव को चलाने की जिम्मेदारी नाबालिगों को सौंप रखी है। जो नाव में दोपहिया वाहनों के साथ 40 से 50 लोगों को बैठाकर पार करने के काम को अंजाम दे रहे है। अवैध रूप से संचालित हो रही जर्जर नाव में क्षमता से अधिक यात्रियों एवं दुपहिया वाहनों को भरकर चलाए जाने से अगर कोई हादसा हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
चंबल नदी में साल के आठ महीने होता है नाव संचालन
चंबल के घाटों पर 15 अक्टूबर से 15 जून तक, साल के आठ महीनों के लिए नाव संचालन के लिए ठेका नीलामी की जाती है। शेष चार महीने बारिश के दिनों में नदी में जलस्तर बढ़ने से बनने वाली बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जनपद पंचायत नावों का संचालन बंद करवा देती है। इस वर्ष कोरोना के कारण लॉकडाउन के चलते बंद हुआ नावों का संचालन अभी तक शुरू नहीं किया गया। ठेके नीलाम न होने से इलाके के कुछ दबंग लोगों ने अधिकारियों से साठगांठ कर मघेरा एवं कछपुरा घाट पर नावों का अवैध रूप से संचालन शुरू कर दिया है।
चंबल के मघेरा एवं कछपुरा घाटों पर दबंगो द्वारा अवैध रूप से संचालित की जा रही जर्जर गावों में बैठकर लोग मजबूरी में नदी को पार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि अटेर क्षेत्र के करीब एक सैकड़ा गांव के लोगों की रिश्तेदारियां उत्तरप्रदेश में होने एवं चंबल के तटवर्ती गांवों के लोगो द्वारा अपनी दैनिक उपयोगी एवं कृषि से संबंधित सामान को खरीदने आगरा, जैतपुर, बाह, जरार के बाजार करने जाते है। जिससे उनके समय के साथ साथ पैसों की भी बचत हो जाती है।
कार्रवाई कर घाटों पर नावों का संचालन बंद कराएंगे
चंबल नदी के मघेरा एवं कछपुरा घाटों पर अगर नावों का अवैध रूप से संचालन किया जा रहा है तो उसे बंद कराया जाएगा। इसके साथ ही आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उदयसिंह सिकरवार, एसडीएम, अटेर
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/bhind/news/boats-driving-minors-on-kachpura-and-maghera-ghats-in-chambal-fear-of-accident-no-action-127951434.html
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