हबीबगंज रेलवे क्रॉसिंग के सामने गणेश मंदिर के पास कोलार पाइपलाइन का एयर वॉल्व खराब होने से रविवार को नए और पुराने शहर की कम से कम 8 लाख आबादी को पानी की किल्लत रहेगी। गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक पीडब्ल्यूडी के प्रस्तावित फ्लाई ओवर के कंस्ट्रक्शन की तैयारियों के दौरान जेसीबी मशीन से एयर वॉल्व के टूट जाने से यह स्थिति बनी है।
एयर वॉल्व के फूटते ही गणेश मंदिर के सामने होशंगाबाद रोड पर ऐसा पानी भर गया, जैसे तेज बारिश हुई हो।
यहां रहेगी ज्यादा किल्लत
नारियल खेड़ा, जेपी नगर, पीजीबीटी कॉलेज एरिया, काजी कैंप, शाहजहांनाबाद, टीला जमालपुरा, बाल विहार, पुतली घर, इब्राहिमगंज, चांदबड़, आरिफ नगर, कांग्रेस नगर, शांति नगर, ग्रीन पार्क, जनता क्वार्टर्स, साई बाबा नगर, ई-6 व ई-7 अरेरा कॉलोनी, पीएंडटी कॉलोनी, जवाहर चौक, गुलमोहर, पारस सिटी, नूरमहल, इमामी गेट, पीरगेट, अशोक कॉलोनी। इधर, निगम ने दावा किया है कि देर रात तक वॉल्व बदलने का काम पूरा हो जाएगा, इसलिए कम दबाव से सप्लाई हो सकती है।
32 साल पुरानी लाइन... अल्पना तिराहा, भोपाल टॉकीज पर आए दिन लीकेज
1988 में बिछी कोलार पाइपलाइन में हर साल छोटे- बड़े 50 से ज्यादा लीकेज होते हैं। बरखेड़ी रेलवे फाटक पर तो पाइपलाइन लगभग पूरी खराब हो चुकी है। पिछले साल यहां कम से कम 25 बार लीकेज सुधारे गए, लेकिन पानी बहना नहीं रूका। अल्पना तिराहा, भोपाल टॉकीज, 1100 क्वार्टर्स आदि ऐसे स्थान हैं जहां अक्सर लीकेज हो जाता है। कोलार रोड पर गोल जोड़ और इनायतपुर पर 60 इंच की बड़ी पाइप लाइन में लीकेज हो जाता है।
मेंटेनेंस बजट का बड़ा हिस्सा लीकेज सुधार पर हो रहा खर्च
कोलार लाइन के लीकेज सुधार पर निगम साल भर में लगभग एक करोड़ रुपए खर्च कर देता है। मेंटेनेंस के बजट का बड़ा हिस्सा सिर्फ लीकेज सुधार में ही खर्च हो जाता है। निगम 5-6 लीकेज एक साथ सुधारने के लिए शटडाउन लेता है। हर माह 4 दिन आधी आबादी को पानी नहीं मिलता।
12 दिन पहले भी फूट गई थी कोलार की मेन पाइपलाइन
12 दिन पहले 28 और 29 सितंबर की मध्य रात्रि कोलार की 60 इंच की मेन पाइपलाइन फूट गई थी। पाइपलाइन बदलने का काम पूरा हुआ और बिजली गुल हो गई। नतीजा- चार दिन तक शहर की पानी सप्लाई व्यवस्था सामान्य नहीं हो पाई।
कमला पार्क पर महीने में चार बार हो चुका लीकेज
कमला पार्क पर कोलार पाइपलाइन बदलने के काम में एक महीने में चार बार मौजूदा लाइन में लीकेज हो चुका है। चलते हुए ट्रैफिक के कारण यहां देर रात काम शुरू होता है और उस समय कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं रहता।
3 साल से चल रही शिफ्टिंग, कब पूरी होगी, ठिकाना नहीं
कोलार पाइप लाइन की शिफ्टिंग का काम 3 साल से चल रहा है, लेकिन कब पूरा होगा, कोई ठिकाना नहीं। निगम ने शिफ्टिंग का काम कर रही टाटा इंजीनियरिंग को दो माह का अल्टीमेटम दिया है, लेकिन हिनौतिया आलम के अलावा किसी अन्य साइट पर काम नहीं चल रहा है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/news/this-is-not-rain-water-kolar-line-is-broken-again-water-scarcity-will-remain-in-large-parts-of-the-city-on-sunday-127801380.html
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