टिमरनी के भावरास ग्राम पंचायत बिल्लाैर, भुरटिया में गाेशाला का निर्माण हाेना है। इसके लिए आदिवासियों काे बेदखल किया जा रहा है, लेकिन अधिकारी दबंगों काे शासकीय जमीन से हटाने की कार्रवाई नहीं कर रहे। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ, आदिवासी छात्र संगठन, राष्ट्रीय नागरिक अधिकार संगठन के बैनर तले दर्जनों आदिवासियों ने गुरुवार काे एडीएम जेपी सैय्याम काे ज्ञापन सौंपते हुए यह आराेप लगाए हैं। उन्होंने आदिवासियों की भूमि पर गाेशाला निर्माण पर राेक लगाने की मांग की।
आदिवासियाें ने कहा प्रत्येक ग्राम पंचायत में पर्याप्त चरनाेई भूमि उपलब्ध है, लेकिन मध्यप्रदेश भू-संहिता के तहत जिले के राजस्व गांवाें में निस्तार की जमीन पृथक रखी गई है। गांव का कोई भी कृषक सामूहिक रुप से अपने पशु गाेशाला में नहीं रखते हैं, लेकिन शासन गाेशाला के नाम पर जनजातियों की जमीन हड़पने का प्रयास कर रहा है। गांवाें में शासकीय भूमि पर दबंगों के कब्जे में है।
इस भूमि से कब्जा हटाकर उस पर गाेशाला का निर्माण कराया जाए। आदिवासियों काे हटाया गया ताे उनके सामने परिवार के भरण-पाेषण का संकट खड़ा हाे जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष देवीसिंह परते, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ जिला अध्यक्ष राहुल पवारे, आदिवासी छात्र संगठन जिला अध्यक्ष लोकेश कलमे, राहुल उइके, गौरीशंकर इवने, गोंड महासभा जिला अध्यक्ष दिनेश इवने सहित अन्य माैजूद थे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/harda/news/the-tribals-said-removing-the-land-from-making-geshala-the-domineering-people-127794643.html
No comments:
Post a Comment