रतलाम जिले के जावरा से निकलकर येल एवं ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से कानूनी शिक्षा प्राप्त कर चुके युवा कानूनविद आराध्य सेठिया को राजनीतिक ढांचे में संवैधानिक व्यवस्था के इंटरनेशनल शोध के लिए विश्व प्रसिद्ध कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी इंग्लैंड ने करीब डेढ़ करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप दी है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के आमंत्रण पर आराध्य ने हाल ही में इंग्लैंड के कैम्ब्रिज शहर पहुंचकर ख्यात प्रोफेसर एलिसन यंग के मार्गदर्शन में शोध भी शुरू कर दिया है। वे तीन साल तक रहकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक ढांचे के बीच विश्व के अलग-अलग संविधान में राजनीतिक प्रक्रिया को कैसे देखा जाता है और इसे और कैसे सुधारा जाए, इस विषय पर शोध करेंगे।
क्लेट की परीक्षा में मध्यप्रदेश में पहले पायदान व देश में भी 9वें स्थान पर आकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बेंगलुरू में प्रवेश लिया था आराध्य ने
80 हजार आबादी वाले नगर में रहकर हाईस्कूल करने के बाद 2010 में जब आराध्य इंजीनियरिंग, सीए व डॉक्टरी करने वाले युवाओं की भीड़ में भविष्य तलाश रहे थे। तभी थ्री इडियट फिल्म ने आराध्य को कुछ अलग करने के लिए प्रेरित किया। पिता अशोक सेठिया प्रिंटिंग प्रेस व्यवसायी एवं पत्रकारिता से जुड़े होने से आराध्य को बचपन से ही राजनीति, सरकारी कार्यक्रम और कानून से जुड़ी गतिविधियों को गहराई से समझने का मौका मिला। यही क्षण था कि आराध्य ने भारत के सर्वोच्च कानून संविधान संबंधी पढ़ाई कर इसी में बदलाव का हिस्सा बनने की ठानी और दिल्ली पब्लिक स्कूल आरके पुरम नई दिल्ली में प्रावीण्यता के आधार पर दाखिला लिया। वहीं क्लेट परीक्षा दी और इसमें मध्यप्रदेश में पहले पायदान व देश में भी 9वें स्थान पर आकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बेंगलुरू में एलएलबी ऑनर्स के लिए प्रवेश लिया। जल्द ही ख्यातनाम वकील राम जेठमलानी, सुप्रीम कोर्ट जस्टिस डी. चंद्रचूड़, जस्टिस रवींद्र भट, अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतकी जैसे कानूनविदों के साथ परिचर्चा व इंटर्नशिप में भाग लिया। फिर अपने शोध-पत्रों और लगन के बूते एलएलएम डिग्री के लिए येल यूनिवर्सिटी अमेरिका गए। वहां से एमफिल के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में चयन हो गया। इनोवेटिव सोच के आधार पर प्रख्यात प्रोफेसर्स के साथ घंटेभर चले इंटरव्यू में सटीक जवाबों ने आराध्य को विश्व स्तरीय कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी इंग्लैंड में पीएचडी के लिए आमंत्रित किया है। आराध्य बताते हैं कि मुझसे इंटरव्यू में कई सवाल पूछे। इनमें एक सवाल था कि शोध क्यों करना चाहते हैं। मैंने कहा कि यह शोध किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है। मेरी पढ़ाई के साथ-साथ व्यवहारिक अनुभव, छोटे से शहर में रहकर सरकारी और राजनीतिक व्यवहारिकता को नजदीक से समझने के अनुभव से मुझे यह शोध करने की प्रेरणा मिली। मैं किताबी ज्ञान और जमीनी हकीकत दोनों को ध्यान में रखते हुए इस शोध को संपूर्णता प्रदान करूंगा। बस इसी जवाब पर आराध्य का चयन हो गया। बता दें आराध्य की मां मंजुला सेठिया लेखिका हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/cambridge-awarded-a-scholarship-of-one-and-a-half-crores-to-research-the-adorable-of-javra-127841710.html
No comments:
Post a Comment