Friday, September 18, 2020

हिंदी संस्कारों के संरक्षण की भाषा है: डॉ. सतीश चतुर्वेदी

केंद्रीय विद्यालय में’हिंदी पखवाड़ा समारोह’के अंतर्गत ऑनलाइन माध्यम से’हिंदी दिवस’मनाया गया।इस अवसर पर वेबिनार का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थी,अभिभावकगण,शिक्षकविद तथा विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने हिस्सा लिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शासकीय कस्तूरबा कन्या महाविद्यालय गुना में हिंदी के प्राध्यापक डॉ. सतीश चतुर्वेदी रहे।डॉ.चतुर्वेदी ने कहा कि हिंदी संस्कारों एवं परम्पराओं के संरक्षण की भाषा है।

हिंदी हमें जीवन मूल्य देती है व नैतिक मूल्य सिखाती है। उन्होंने हिंदी की व्यापकता एवं उपयोगिता पर भी विचार व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि आज हिंदी वैश्विक भाषा के रूप में उभर चुकी है।हिंदी विश्व की दूसरी सबसे अधिक बोली व समझे जाने वाली भाषा बन चुकी है। हिंदी सीखने वालों के लिए रोजगार की भी बहुत संभावना है। कार्यक्रम का शुभारंभ कला,साहित्य व संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां वीणा वादिनी की वंदना से हुआ।’सरस्वती वंदना’कक्षा-दसवीं की छात्रा नियति तिवारी ने प्रस्तुत की।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/guna/news/hindi-is-the-language-of-preservation-of-rites-dr-satish-chaturvedi-127732675.html

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