Friday, September 18, 2020

नियुक्ति दिनांक से अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ दिए जाने का तीन माह में करो निराकरण

मप्र हाईकोर्ट ने जबलपुर कलेक्टर और सहायक आयुक्त को निर्देशित किया है कि आदिवासी माध्यमिक शाला रिछाई बरेला में कार्यरत भृत्य को नियुक्ति दिनांक से अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ दिए जाने के प्रकरण का तीन माह में निराकरण किया जाए। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की एकलपीठ ने इस निर्देश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया है। भृत्य अशोक बर्मन की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि 7 जनवरी 2013 को उसे कलेक्टर दर पर मासिक वेतन पर अनुकम्पा नियुक्ति दी गई थी। साढ़े सात साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसे कलेक्टर दर पर मासिक वेतन दिया जा रहा है। अधिवक्ता अनिरुद्ध पांडे ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता नियमित वेतनमान पाने का हकदार है। इसके बाद भी उसे कलेक्टर दर पर वेतन दिया जा रहा है।

फर्जी लोन मामले में अग्रिम जमानत खारिज| हाईकोर्ट ने फर्जी लोन मामले में कुंडम निवासी बेड़ीलाल चौधरी की अग्रिम जमानत खारिज कर दी है। जस्टिस मोहम्मद फहीम अनवर ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान प्राइवेट फाइनेंस कंपनी की ओर से अधिवक्ता अशोक पांडे ने तर्क दिया कि आरोपी ने 26 वाहनों का लोन फर्जी तरीके से स्वीकृत कराया है, इसलिए जमानत अर्जी खारिज की जाए। मामले में एक अन्य पक्षकार सोनल जैन की ओर से अधिवक्ता विपुल वर्धन जैन ने पक्ष प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद एकलपीठ ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/resolve-granting-compassionate-appointment-in-three-months-from-appointment-date-127732700.html

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