एरोड्रम थाना क्षेत्र में डेढ़ साल पहले एक रिक्शा चालक की मौत के मामले में मर्ग डायरी की विवेचना की गई तो पता चला उसकी हत्या हुई थी। इसमें हत्या का केस दर्ज होना था, लेकिन तत्कालीन टीआई व जांचकर्ता एएसआई ने पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट देखे बिना ही मामले में सिर्फ मर्ग कायम कर रखा था। जब सीएसपी व वर्तमान टीआई राहुल शर्मा ने विवेचना में पोस्ट मार्टम रिपोर्ट देखी तो हत्या का पता चला। मामला एसपी पश्चिम महेशचंद जैन के पास गया तो उन्होंने तत्कालीन टीआई व एएसआई के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।
एसपी महेशचंद जैन ने बताया कि अप्रैल 2019 में एरोड्रम थाना क्षेत्र में आरएपीटीएस के पास फुटपाथ पर द्वारकापुरी में रहने वाले रिक्शा चालक योगेश का शव मिला था। पुलिस ने एमवायएच में उसका पोस्टमार्टम कराया। इस केस में एएसआई सीतला प्रसाद मिश्रा ने जांच की थी। उस समय टीआई अशोक पाटीदार थे। दोनों ने पोस्ट मार्टम रिपोर्ट देखे बिना ही सिर्फ मर्ग कामय कर लिया था। डीआईजी के आदेश पर दोबारा से पुराने मर्गों की जांच कराई जा रही है, इसी सिलसिले में डेढ़ साल बाद इस केस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी गई तो पता चला रिक्शा चालक की मौत मारपीट की चोट से हुई थी।
एएसआई बोले- एमवायएच से डेढ़ महीने के बाद मिली थी रिपोर्ट
वहीं तत्कालीन एएसआई मिश्रा का कहना है कि एमवायएच से पोस्ट मार्टम रिपोर्ट डेढ़ महीने बाद मिली थी। उसमें डॉक्टरों की क्वेरी मौत को लेकर स्पष्ट नहीं थी। वहीं तत्कालीन टीआई अशोक पाटीदार ने बताया कि रिक्शा चालक घायल अवस्था में मिला था। एफआरवी ने उसे भर्ती करा दिया था। जब उसकी मौत हुई तो किसी भी परिजन व दोस्तों ने शंका नहीं जताई थी। डॉक्टर ने लिखा था मारपीट की चोट है। परिजन ने बताया कि काफी नशा करने का आदी था। वह गिरता पड़ता रहता था। पोस्टमार्टम में चोटें थीं इसकी जानकारी थी लेकिन हमारे एसआई डाक्टरों से क्वेरी नहीं करवा पाए थे कि मौत मारपीट की चोटों से हुई है। इसी कारण मर्ग ही कायम था।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/a-post-mortem-report-seen-a-year-and-a-half-later-revealed-the-rickshaw-driver-was-killed-investigation-started-against-erstwhile-police-station-in-charge-and-asi-127744907.html
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