जिले में अनलॉक 4 शुरू होने के साथ ही मौत का आंकड़ा भी बढ़ने लगा। तीन दिन में चार लोगों की मौत हो गई। गुरुवार को रामपुरा निवासी एक महिला की उज्जैन में मौत हो गई। इसके साथ ही मृतकों की संख्या 22 हो गई। जबकि स्वास्थ्य विभाग अपने हेल्थ बुलेटिन में आंकड़े ही अपडेट नहीं कर रहा है। सितंबर के तीन दिन में चार मरीज में से तीन की उज्जैन तथा एक की रतलाम मेडिकल कॉलेज में मौत हुई है। गुरुवार को 18 नए पॉजिटिव मिलने से कुल आंकड़ा 1313 पर पहुंच गया।
जिले में अनलॉक-3 में जिस रफ्तार से मरीज बढ़े थे उससे भी तेजी से सितंबर में मरीजों के साथ मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। तीन दिन में 60 नए मरीज मिल गए हैं। शहर के साथ अब गांवों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इससे गांव के लोगों में दहशत का माहौल बन रहा है। लोग डरे हुए हैं। कई गांवों में लोग जिन क्षेत्रों में पॉजिटिव मरीज आए है वहां से निकलना भी बंद कर दिया है। इधर, कोविड सेंटर में भर्ती मरीजों के रिकवर होने तथा कोरोना लक्षण नहीं दिखाई देने पर उन्हें डिस्चार्ज भी किया जा रहा है। गुरुवार को कोविड केयर सेंटर से 15 मरीजों को डिस्चार्ज कर घर भेजा गया।
रामपुरा निवासी महिला ने तोड़ा दम
रामपुरा में पिछले महीने एक साथ दो मरीज सामने आए थे। जिन्हें जिला मुख्यालय स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया था। वार्ड नंबर 3 निवासी मरीज की हालत गंभीर होने पर 27 अगस्त को उज्जैन रेफर किया था। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसी तरह चामुंडा माता मंदिर के पास सिनेमा रोड रामपुरा निवासी महिला को हालात गंभीर होने पर 30 अगस्त को उज्जैन रेफर किया था। उन्होंने गुरुवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहां बेटे की उपस्थिति में कोविड गाइडलाइन से अंतिम संस्कार किया गया। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग रात तक मौत की पुष्टि नहीं कर सका। परिजन ने महिला की मौत होने की जानकारी दी।
अब हर कोरोना मरीज में टीबी के संक्रमण की भी होगी जांच
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की नई गाइडलाइन
अब हर कोरोना पॉजिटिव मरीज की टीवी संक्रमण (तपेदिक) की भी जांच की जाएगी। इसी तरह हर टीबी मरीज का कोरोना टेस्ट करना अनिवार्य होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की नई गाइडलाइन के बाद प्रदेश में इस पर अमल की तैयारियां शुरू हो गई हैं। एक सप्ताह के अंदर प्रदेशभर में द्विआयामी टीबी-कोविड स्क्रीनिंग शुरू होने की संभावना है।
केंद्र ने देशभर के अस्पतालों को बाय-डायमेंशनल टीवी-कोविड स्क्रीनिंग की गाइडलाइन जारी की है। इसमें सभी आईएलआई (इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस) और एसएआरआई (सीवियर एक्यूट रेस्पायरेटरी इन्फेक्शन) पेशेंट की भी टीवी स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि टीबी (तपेदिक) और कोविड-19 दोनों ही ऐसे संक्रामक रोग हैं, जो सबसे पहले फेफड़ों पर हमला करते हैं, दोनों ही बीमरियों के लक्षण एक जैसे यानी खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ होना है। हालांकि टीबी के संक्रमण के बाद बीमारी काफी धीमी गति से विकसित होती है, वही कोविड-19 में बीमारी तेजी से विकसित होती है। अभी तक के कई अध्ययनों में यह सामने आया है कि कोविड रोगियों में टीबी का प्रसार 0.37 से 4.47 फीसदी पाया गया है। कोरोना महामारी के कारण पिछले साल की तुलना में इस साल जनवरी से जून 2020 के बीच टीबी रोगियों की संख्या में 26 फीसदी की कमी आई है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/neemuch/news/corona-one-more-death-infection-also-spreading-in-the-village-18-new-positives-found-127684124.html
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