पुरातत्व संरक्षित ऐतिहासिक स्मारक जैनाबादी सराय के 5 क्विंटल वजनी दो लोहे के गेट चोरी हो गए हैं। गेट निकाले जाने से पिछले हिस्से की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
पर्यटन को बढ़ावा देने और स्मारक को सहेजने की दृष्टि से राज्य पुरातत्व विभाग जैनाबादी सराय की मरम्मत कर रहा है। दो दिन पहले यहां के पिछले गेट के दो पलड़े और आगे के मुख्य कम्पाउंड के गेट का एक पलड़ा चोरी हो गया। पत्थरों से रोड निर्माण में जुटे कर्मचारी शुक्रवार सुबह सराय पहुंचे तो गेट नहीं होने पर राज्य पुरातत्व विभाग इंचार्ज को सूचना दी। मौके पर इंचार्ज अशोक जायसवाल और इतिहास के जानकार नौशाद शेख स्थिति जानने पहुंचे। जांच में पाया कि गेट के तीन पलड़े पड़ोस की मस्जिद में रखे हुए थे। गेट की पहचान के लिए इंचार्ज जायसवाल अंदर जाने लगे लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया। उन्हें हजमत उल्ला पिता नईम उल्ला ने लौटा दिया। जायसवाल शिकायत करने शिकारपुरा थाना पहुंचे लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। इसके बाद वे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्टर प्रवीण सिंह से शिकायत की। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इंचार्ज अशोक जायसवाल के मुताबिक पिछले करीब तीन साल से हजमत उल्ला सराय पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से यहां मदरसा संचालित कर रहे थे। हालांकि कुछ माह पहले उन्हें हटवा दिया गया था लेकिन फिर हजमत ने कब्जा करने की नियत से सराय के गेट निकाल दिए। सराय के एक कमरे में उनका पलंग और कुछ सामान पड़ा हुआ है। इतिहास के जानकार नौशाद ने कहा यह गैरकानूनी है। इससे पर्यटन क्षेत्र के विकास में समस्या आएगी। कोई भी व्यक्ति ऐतिहासिक महत्व के स्मारक पर कब्जा नहीं कर सकता। ऐसे व्यक्ति पर तत्काल प्रशासन को कार्रवाई करना चाहिए।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/burhanpur/news/2-gates-weighing-5-quintals-stolen-from-zainabadi-sarai-127597004.html
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