Sunday, August 9, 2020

ट्रांसपोर्टरों ने माल की लोडिंग बंद की, आज से 3 दिन ट्रकों व लोडिंग वाहनों का ‘लॉकडाउन’

डीजल की बढ़ती कीमत और कोविड 19 में ट्रक और लोडिंग वाहन नहीं चलने के बावजूद राज्य सरकार द्वारा रोड टैक्स लेने से ट्रांसपोर्टर नाराज हैं। उन्होंने सोमवार से वाहनों के चक्काजाम कर दिया है। शुरुआत में तीन दिन यानी 10 से 12 अगस्त तक ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर रहेंगे। मांगें नहीं मानी जाती हैं तो अनिश्चतकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं।
कोरोना संक्रमण से पहले जिले में 16 मार्च को डीजल का रेट 68.70 रुपए प्रति लीटर एवं पेट्रोल 78.08 रुपए प्रति लीटर था। कोरोना के चलते दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई लेकिन मप्र में दाम कम होने की बजाए बढ़ते गए। वर्तमान में डीजल 81.77 रुपए प्रति लीटर एवं पेट्रोल 88.58 रुपए लीटर पहुंच गया है। इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट व आम लोगों पर पड़ रहा है। पहले कोरोना के चलते लॉकडाउन में गरीबों की कमर तोड़ दी। अब पेट्रोल-डीजल के दाम से आम आदमी पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। यही कारण है कि अब मंदसौर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने तीन दिवसीय हड़ताल का निर्णय ले लिया है। रविवार देर रात से सभी ट्रकों के पहिए थम जाएंगे। मंदसौर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि दिल्ली में सरकार ने टैक्स कम करके 8 रुपए कम कर दिए। यूपी में भी मप्र से 8 रुपए कम हैं। महाराष्ट्र व राजस्थान में भी तीन से चार रुपए कम हैं। मप्र में पेट्रोल व डीजल पर करीब 32 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा तो टैक्स ही देना पड़ रहा है। जितने का डीजल नहीं उतना टैक्स वसूला जा रहा। टैक्स लगाने की भी कोई लिमिट नहीं रखी है। मप्र सरकार केवल अपना खजाना भरने के लिए आम लोगों पर बोझ डाल रही है। सरकार पेट्रोल, डीजल व शराब से ही चल रही। डीजल के दाम अधिक होने से व्यवसाय संचालन मुश्किल हो रहा है। इसके चलते तीन दिन की हड़ताल रखी है, आगे मांगें नहीं मानने पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

राज्य सरकार खजाना भरने के लिए आम लोगों पर बढ़ा रही बोझ : ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

4 हजार लोग कोराबार से जुड़े

50 ट्रांसपोर्टर शहर में हैं।
80 ट्रांसपोर्टर जिले में है।
2 हजार से ज्यादा वाहन। ट्रक सहित अन्य लोडिंग वाहन मिलाकर शहर में
4 हजार से ज्यादा, हम्माल, ड्राइवर, क्लीनर ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े हैं।
20 लाख रुपए रोज का कारोबार। आसपास के शहरों और राज्यों के अलावा 400 गाड़ियां रोज महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, केरल जाती हैं।

खाद्य वस्तुओं के दाम 2 से 4 रुपए किलाे ज्यादा हो गए

थोक किराना व्यापारी शरद धींग ने बताया कि डीजल के दाम अधिक होने से भाड़ा अधिक हो गया। इससे खाद्य वस्तुओं के दाम में दो से चार रुपए किलाे ज्यादा हो गए। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। पहले जो शकर महाराष्ट्र से 100 रुपए क्विंटल में आती थी अब 200 रुपए क्विंटल में आ रही। एक क्विंटल पर 100 रुपए ज्यादा हो गए। नारियल पर दो रुपए का भाड़ा अधिक हो गया। इसी तरह हर खाद्य सामग्री पर रेट अधिक हुए। जिसका असर गरीब वर्ग पर हो रहा है।

25 फीसदी व्यवसाय खत्म हो गया- 25 फीसदी व्यवसाय खत्म हो गया। डीजल की मार से आय भी बहुत कम हो गई व खर्चे अधिक हो गए। गाड़ी वाले बहुत परेशान हैं। एमपी में सबसे ज्यादा डीजल के दाम हैं। महाराष्ट्र, राजस्थान में तीन रुपए लीटर का अंतर है। मांगों को लेकर 10, 11,12 अगस्त तक हड़ताल रहेगी।- जगदीश अग्रवाल, मंदसौर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, कोषाध्यक्ष



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/mandsaur/news/transporters-stop-loading-of-goods-3-days-from-today-lockdown-of-trucks-and-loading-vehicles-127603530.html

No comments:

Post a Comment