शहर में पिछले 30 दिनों (10 जुलाई से 8 अगस्त) तक 2296 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पाॅजिटिव आ चुकी है। यह विस्फोटक स्थिति इसलिए भी चिंतनीय है क्योंकि इससे पहले 9 जून से 9 जुलाई के बीच शहर में केवल 614 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए थे। गौर करने वाली बात यह है कि शहर में कोरोना ब्लास्ट जैसी स्थिति हाेने के बाद भी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सैंपलिंग बढ़ाने पर जोर नहीं दे रहा है। पहले के 30 दिनों की तुलना में बाद के 30 दिनों में संक्रमितों की संख्या में 274 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन सैंपलिंग दाेगुनी भी नहीं हाे पाई। 9 जून से 9 जुलाई तक जहां 22599 सैंपल लिए गए, वहीं अगले 30 दिनों में केवल 27957 लोगों की सैंपलिंग की गई। यानी सैंपलिंग में केवल 24 प्रतिशत की ही वृद्धि हो सकी है।
किट खत्म हाेने से जांच की रफ्तार भी हुई सुस्त
ग्वालियर में कोरोना संक्रमितों के सैंपलों की जांच गजराराजा मेडिकल कालेज की वायरोलाॅजिकल लैब में की जा रही है। इसके अलावा यहीं की टीबी लैब में सीबीनेट जांच की जा रही थी। लेकिन किट खत्म होने के कारण यहां जांच बंद कर दी गई है। इसके अलावा जिला अस्पताल में ट्रूनेट जांच भी नहीं हो रही है। वहां भी किट खत्म होने के कारण जांच प्रभावित हो रही है। हालांकि, जिला अस्पताल में रविवार से रैपिड एंटीजन टेस्ट शुरू कर दिया गया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/number-of-corona-infected-increased-by-274-percent-in-30-days-but-sampling-increased-by-only-24-127606742.html
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