Monday, July 27, 2020

बारहवीं रिजल्ट को 3% बढ़ने में 3 साल लगे, इस बार परीक्षा में 3 महीने का गैप होने से 7% गिर गया

मप्र बाेर्ड 12वीं का रिजल्ट लाॅकडाउन के कारण 7% घटकर 75.8% पर आ गया। 3% रिजल्ट बढ़ने में तीन साल लगे थे लेकिन परीक्षा में तीन महीनों (19 मार्च से 9 जून) के गैप ने 7% की गिरावट ला दी। जिले में रिजल्ट 2017 में 79.2%, 2018 में 81.5% और 2019 में बढ़कर 82.7% तक पहुंचा था। हालांकि इस बार जिले के तीन विद्यार्थियों ने स्टेट मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है। इनमें शोभापुर की साक्षी मिश्रा, हाेशंगाबाद के विभाेर भट्ट और साेहागपुर की नीलम सराठे हैं। साइंस के रिजल्ट पर लाॅकडाउन के साथ जेईई मेन्स, नीट की तारीख आगे बढ़ने के कारण असर पड़ा। कैमेस्ट्री, मैथ्स और बायाे में उत्तीर्ण प्रतिशत कम हुअा लेकिन अाैसत अंक बढ़े। लाॅकडाउन के पहले हुई फिजिक्स की परीक्षा का रिजल्ट बेहतर है। आर्ट्स और काॅमर्स के मुख्य विषयाें के रिवीजन, लिखने की प्रैक्टिस का समय मिलने से पास होने का प्रतिशत बढ़ गया है।

उत्कृष्ट स्कूल के उदाहरण से समझें कि बाद में हुए पर्चे से बिगड़ा नतीजा

  • साइंस के 131 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी। 113 पास हुए। 6 फेल हुए। 11 काे गणित और केमेस्ट्री में सप्लीमेंट्री आई। लाॅकडाउन के पहले हुए फिजिक्स के पर्चे का रिजल्ट 97 प्रतिशत रहा। औसत अंक 62 है। लाॅकडाउन के बाद हाेने के कारण केमेस्ट्री के 96, बायाे के 86, मैथ्स के 94 प्रतिशत स्टूडेंट्स ही पास हुए। लेकिन पास हाेने वाले स्टूडेंट्स के एवरेज अंक केमेस्ट्री में 78, बायाे में 69, मैथ्स में 65 हैं।
  • काॅमर्स - 75 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। 72 पास हुए, 2 काे सप्लीमेंट्री आई। एक फेल हुअा। लाॅकडाउन के पहले हुए बिजनेस स्टडी और हिंदी अंग्रेजी के पर्चे में 100 प्रतिशत रिजल्ट रहा। लाॅकडाउन के बाद हुए बिजनेस एकाेनाॅमिक्स का रिजल्ट भी 100 प्रतिशत रहा। एवरेज अंक 53 ही है। ऐसे ही अकाउंटेंसी की परीक्षा 96 प्रतिशत स्टूडेंट्स ने पास की लेकिन एवरेज 46 अंक रहा।
  • आर्ट्स- सभी मुख्य विषयाें की परीक्षा लाॅकडाउन के बाद हुई। एकाेनाॅमिक्स का रिजल्ट 92, पाॅलिटिकल साइंस का 98.3 और भूगाेल का 100 प्रतिशत रिजल्ट रहा। स्टूडेंट्स के एवरेज अंक 65 से 70 के बीच ही रहे।

विषयवार रिजल्ट : साइंस में सबसे ज्यादा पास हुए लेकिन बाद के पेपर्स में अंक कम

ह्यूमिनिटीज आर्ट्स
3728 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। 2703 पास हुए। रिजल्ट 72.99 प्रतिशत रहा। 633 काे सप्लीमेंट्री आई और 367 फेल हाे गए।

साइंस
3563 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। 2989 पास हुए। रिजल्ट 84.19 प्रतिशत रहा। 333 काे सप्लीमेंट्री आई और 228 फेल हाे गए।

काॅमर्स
3827 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। 2693 पास हुए। रिजल्ट 70.6 प्रतिशत रहा। 571 काे सप्लीमेंट्री आई और 550 फेल हाे गए।

एग्रीकल्चर
269 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। 215 पास हुए। रिजल्ट 80.52 प्रतिशत रहा। 43 काे सप्लीमेंट्री आई और 9 फेल हाे गए।

हाेमसाइंस
36 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। 28 पास हुए। रिजल्ट 77.77 प्रतिशत रहा। 6 काे सप्लीमेंट्री आई और 2 फेल हाे गए।

मनाेवैज्ञानिक है लाॅकडाउन के पहले अाैर बाद की परीक्षा पर पड़ने वाला प्रभाव : डाॅ. तथागत सक्सेना

  • साइंस के अधिकांश स्टूडेंट्स जेईई या नीट की तैयारी बाेर्ड के साथ ही करते हैं। दाेनों परीक्षाओं की डेट आगे बढ़ गई। ऐसे में स्टूडेंट्स रिलेक्स हाे गए। पढ़ाई से एकाग्रता हट गई। जाे लगातार अभ्यास करते रहे उनके अंक बढ़ गए लेकिन जाे तैयारी से रिलेक्स हुए उनके अंक कम हुए।
  • विज्ञान के कुछ ही विषयाें की परीक्षा शेष थी ऐसे में तनाव में आए। रिजल्ट प्रभावित हुआ।
  • आर्ट्स के मुख्य विषयों की परीक्षा लाॅकडाउन के बाद हुई। पढ़ाई में गैप हो गया था।


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The twelfth result took 3 years to grow by 3%, this time the exam fell 7% due to a 3-month gap.


source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/news/the-twelfth-result-took-3-years-to-grow-by-3-this-time-the-exam-fell-7-due-to-a-3-month-gap-127559639.html

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