Wednesday, April 8, 2020

स्क्रीनिंग में पॉजिटिव थे आईपीएस अफसर, फाइनल रिपोर्ट निगेटिव निकली, अब पांच दिन तक रहेंगे क्वारेंटाइन

एक आईपीएस अफसर को कोरोना वायरस की स्क्रीनिंग और फाइनल रिपोर्ट की गफलत में उलझकर पांच दिन के लिए पुलिस ऑफिसर्स मेस मेंं बने आइसोलेशन वार्ड में कोरेंटाइन होना पड़ गया। उनकी स्क्रीनिंग रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जब तक उन्हें फाइनल रिपोर्ट का पता चलता, तब तक सीनियर और सहयोगी अफसरों की सलाह पर वे चिरायु अस्पताल पहुंच गए। फाइनल रिपोर्ट निगेटिव आई तो डॉक्टरों ने कोरोना वायरस ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन्हें कोरेंटाइन की सलाह दे दी।

यह भी कहा कि अब आप घर नहीं जा सकते। दरअसल, ये घटनाक्रम कुछ दिन पहले तक भोपाल जिले में पदस्थ रहे एक आईपीएस स्तर के अधिकारी के साथ बुधवार को हुआ। जिले के अफसरों से मिलना-जुलना होता रहता है, इसलिए अन्य अफसरों के साथ उन्होंने भी अपना कोरोना टेस्ट करवा लिया। बुधवार को स्क्रीनिंग रिपोर्ट आई। सीनियर और सहयोगी अफसर की रिपोर्ट तो निगेटिव निकली, लेकिन इस आईपीएस अफसर की स्क्रीनिंग रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। दोस्तों और सीनियर्स की सलाह पर उन्हें बंसल अस्पताल में भर्ती करवाने पर सहमति बनी। एंबुलेंस में सवार होकर वह अस्पताल तक पहुंचे, लेकिन इससे पहले ही किसी ने बताया कि चिरायु अस्पताल में भर्ती होना चाहिए। एंबुलेंस चिरायु अस्पताल जा पहुंची।

उज्जैन : परिवार कोरोना से संक्रमित न हो इसलिए ड्यूटी के बाद पुलिसकर्मियों के लिए अलग से बनाया स्नानगृह, यहीं धो रहे वर्दी

कोरोना संक्रमित क्षेत्र में ड्यूटी के बाद पुलिस कर्मियों के लिए पुलिस लाइन में स्नान के लिए अलग इंतजाम किए हैं। वे यहीं पर अपनी वर्दी भी धो सकेंगे। यह व्यवस्था बुधवार से शुरू हो गई। यहां 16 बाथरूम व टायलेट बनवाए हैं। यहां नहाने व वर्दी धोने के लिए सर्फ-साबुन भी मिलेगा। इससे बड़ा फायदा ये होगा कि कोरोना की आशंका के चलते पुलिस जवान सुरक्षित होकर परिवार के बीच जाएंगे। फोटो : अशोक मालवीय

15 संक्रमित का इलाज किया, खुद की रिपोर्ट निगेटिव क्योंकि घर जाने पर सबसे पहले नहाते हैं

कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ.एचपी सोनानिया। अब तक 15 संक्रमित मरीजों का इलाज कर चुके हैं। उन्होंने खुद का सैंपल 5 अप्रैल को जांच के लिए भेजा था, जिसकी रिपोर्ट 7 अप्रैल को आई। रिपोर्ट आने से पहले परिवार के लोगों को डर बना रहता था। वे 2 दिन तक लगातार डॉ. सोनानिया से सब पूछते रहे कि रिपोर्ट आई क्या? उसमें क्या निकला? उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसकी वजह पूरी सेफ्टी के साथ काम करना है। स्टाफ को भी उनके आदेश हंै कि कोई भी कर्मचारी बिना किट पहने आइसोलेशन वार्ड में नहीं जाएगा। वह खुद भी पूरी किट पहनकर ही आइसोलेशन वार्ड में जाते थे। दिन में घर जाते तो बाहर पोर्च में ही बैठकर खाना खा लेते हैं और वापस लौट जाते थे। रात में जब घर जाते तो सबसे पहले गर्म पानी से नहाते, खुद को सैनिटाइज करते हैं।

बुजुर्ग की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए खतरे में डाल दिया पूरा रतलाम

रतलाम के लोहार रोड के जिस बुजुर्ग मोहम्मद कादरी को रतलाम लाकर दफनाया गया है, उनके जनाजे में करीब 29 लोग शामिल हुए थे। ऐसे में अब तक बचे रतलाम में भी कोरोना का खतरा हो गया है। बुजुर्ग की मौैत 4 अप्रैल को इंदौर के एमवाय अस्पताल में हो गई थी। 4 अप्रैल को ही शव को इंदौर के बजरिया में उनके घर पर ले जाया गया था। इधर, परिजन से पूछताछ के मुताबिक बुजुर्ग की इच्छा थी कि उन्हें रतलाम में दफनाया जाए। बुजुर्ग की इच्छा के मुताबिक 4 अप्रैल को परिजन गुपचुप तरीके से शव को एम्बुलेंस से रतलाम ले आए थे।

और इधर ग्वालियर में... कोरोना संक्रमित मरीज के मकान में रहने वाले भाई-बहन से बोले डॉक्टर, लक्षण दिखें, तब आना

जेएएच की स्टाफ नर्स लता प्रभारी के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। वह आमखो स्थित न्यू विजय नगर निवासी सुरेंद्र यादव के मकान में किराए से रहती हैं। ऐहतियात के तौर पर विजय नगर पूरी तरह लॉक कर दिए गए हैं। यहां एंट्री पॉइंट पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है। मकान मालिक सुरेंद्र यादव से पूछताछ की तो बोले कि उनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए कोई नहीं आया। नर्स लता जिस कमरे में रहती हैं, उससे सटा हुआ एक और कमरा है, उसमें अंकित सोलंकी व उसकी बहन डॉली रहते हैं। अंकित ने बताया कि जब से लता कोरोना पॉजिटिव आई हैं, उन्हें डर सता रहा है। वह और उनकी बहन खुद चेकअप कराने के लिए जेएएच पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने कहा, जब कुछ लक्षण दिखे तब चेकअप के लिए आना, फिर अंकित और डॉली लौट आए। जेएएच अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्रा ने कहा कि यह मामला मेरी जानकारी में आपके द्वारा लाया गया है। मैं इस संबंध में जिम्मेदारों से बात करके जानकारी लूंगा।



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कोरोना संक्रमित क्षेत्र में ड्यूटी के बाद पुलिस कर्मियों के लिए पुलिस लाइन में स्नान के लिए अलग इंतजाम किए हैं। वे यहीं पर अपनी वर्दी भी धो सकेंगे।
कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ.एचपी सोनानिया। अब तक 15 संक्रमित मरीजों का इलाज कर चुके हैं। उन्होंने खुद का सैंपल 5 अप्रैल को जांच के लिए भेजा था, जो नेगेटिव आई।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/news/ips-officers-were-positive-in-screening-final-report-turned-negative-quarantine-will-remain-for-five-days-127132764.html

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