समूचे हिंदू धर्मावलंबियों के लिए गुरुवार का दिन बहुत खास है, जब राम नवमी मनेगी और दुर्गा पूजा, हवन और अारती के साथ चैत्र नवरात्र का समापन होगा। एक ओर जहां शक्ति की पूजा-अाराधना होगी, वहीं घर-घर से भगवान राम की जन्मोत्सव खुशियां गूंजेंगी। हवन के साथ नौ दिवसीय अनुष्ठान की पूर्णाहुति की जाएगी। खास बात यह है कि भगवान राम का जन्म चैत्र शुक्ल की नवमी पर अभिजित मुहूर्त और पुष्य नक्षत्र में हुअा था। संयोगवश गुरुवार को पुष्य नक्षत्र के साथ ही सर्वार्थ व अमृत सिद्धि योग भी रहेंगे। दोपहर तक पुनर्वसु नक्षत्र योग रहने से सिद्वि योग भी रहेगा। ये सभी योग इस दिन की शुभता में बढ़ोतरी करने वाले होंगे। मठ मंदिर समिति अध्यक्ष गोपाल प्रसाद खड्डर ने बताया रामनवमी पर सूर्योदय से दोपहर 2:23 बजे तक सर्वार्थ व अमृत सिद्वि मुहूर्त रहेंगे और इसके बाद पुष्य नक्षत्र योग प्रारंभ हो जाएगा, जो अगले दिन दोपहर 1.15 बजे तक रहेगा। मंदिरों में सिर्फ पुजारी ही रामनवमीं पर पूजा करेंगे।
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source https://www.bhaskar.com/mp/hoshangabad/news/mp-news-ramnavami-today-yoga-made-up-of-omnipotence-amrit-siddi-pushya-nakshatra-071532-6955752.html
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