लॉकडाउन से गांव सरसी के राजा हनुमान मंदिर पर होने वाले चूल तेरस महोत्सव का आयोजन निरस्त हो गया है। मेले में झूले, चकरी आदि लगाने आए पांच परिवार के 43 लोग यहीं पर फंस के रह गए। अब सरकार ने मजदूर वर्ग के लोगों को अपने गृहगांव भेजने की व्यवस्था करने की बात कही तो इनमें उम्मीद जगी है। अब सभी घर जाने की जिद पर अड़ गए हैं।
अजमेर जिले के गांव टाटोटी के रहने वाले लियाकत खान, शरीफ खान, गालिब व अब्बू खान ने बताया हम लगातार 4 सालों से सरसी चुल तेरस आयोजन में रेंट, झूले आदि लेकर आ रहे हैं। इस बार 3 मार्च को आए थे। हमें क्या मालूम था कि इस बार कोरोना के कारण आयोजन निरस्त हो जाएगा और हम यहीं फंस के रह जाएंगे। अभी गांव की चूल तेरस समिति के सदस्य हमारे खाने-पीने की पूरी व्यवस्था कर रहे हैं लेकिन अब हम सभी घर जाना चाहते हैं। हमें प्रशासन से पूरी उम्मीद है कि वे हमें सुरक्षित घर पहुंचाएंगे। समाजसेवी सुखदेव बंबोरिया, भंवरलाल नंदेडा ने बताया हम लोग इन लोगों को इनके गांव पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। शनिवार को रेंटवाले दो सदस्यों को लेकर रतलाम कलेक्टर रुचिका चौहान के पास पहुंचे थे। वहां से कोरोना कंट्रोल रूम पर इनकी प्रोसेस भी भेज दी गई है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/mandsaur/news/43-people-from-5-families-who-came-to-organize-a-fair-in-sarsi-got-trapped-in-lockdown-here-127241703.html
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