गौरव शर्मा. कोरोना संकट के बीच सबसे ज्यादा बिक्री सैनिटाइजर, मास्क और हैंड ग्लव्स की हो रही है। रोज 12 हजार से ज्यादा की बिक्री हो रही है। दवा व्यापारियों के अनुसार 20 दिन में दवा बाजार से जितनी दवाइयां बिकी, उतनी पहले चार-पांच महीनों में बिकती थी। एन-95 मास्क तो मार्केट से गायब है। सामान्य मास्क की ही बिक्री हो रही है। वहीं, मार्केट में ब्लड प्रेशर, शुगर, किडनी, हार्ट, डायबिटीज की दवाअाें की कमी आने लगी है। ऐसा इसलिए कि लोगों ने इनका स्टॉक कर लिया है।
दवा व्यापारी धर्मेंद्र कोठारी का कहना है कि जो लोग पहले आठ-दस दिन की दवा लेते थे, उन्होंने एक से तीन महीने या उससे ज्यादा का स्टॉक कर लिया है। बाहर से भी दवाएं नहीं आ रही हैं। सीएंडएफ (क्लियरिंग एंड फाॅरवर्डिंग एजेंट) के यहां से सप्लाय काफी कम है। पहले रोज 25 ट्रक से ज्यादा दवाइयों का सप्लाय होता था। अब पांच ट्रक सप्लाय भी बमुश्किल है। अन्य दवा व्यापारी सिद्धार्थ लुल्ला ने कहा विटामिन-सी की दवाइयाें की बिक्री भी काफी ज्यादा है।
जाे टैबलेट 30 पैसे की थी, उसकी कीमत 60 से 80 पैसे हाे गई
हार्ट, अस्थमा, डायबिटीज, किडनी, विटामिन-सी की कई दवाइयों का स्टॉक दवा बाजार में कम है। अभी सबसे ज्यादा डिमांड हाइड्रोक्लोरोक्वीन दवा की है। इंदौर में भी इसकी डिमांड काफी ज्यादा है। दवा व्यवसायियों ने कहा कि इसका स्टॉक भी कम है। अमेरिकी में इस दवा की कमी है। वहां के राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप ने भारत से इसकी मांग की थी, क्योंकि उन्होंने इसे कोरोना के खिलाफ रामबाण बताया था। वहीं, एक दवा व्यापारी ने कहा पैरासिटामॉल की कीमतों में भी काफी इजाफा हो गया। जाे टैबलेट 30 पैसे की आती थी, उसकी कीमत 60 से 80 पैसे हाे गई है।
दवा बाजार में भी 70 प्रतिशत से ज्यादा दुकानें नहीं खुल रही
दवा बाजार में कई व्यापारी स्टाफ नहीं आने के कारण ताे कुछ काेराेना के डर के कारण दुकानें नहीं खाेल रहे हैं। एेसे में 70% से ज्यादा दुकानें नहीं खुल रही हैं। जाे दुकानें खुल रही हैं, वहां रिटेलर की भीड़ काफी ज्यादा रहती है। एेसे में व्यापारी सभी लोगों की लिस्ट लेकर तीन-चार घंटे में दवा सप्लाय कर रहे हैं। इधर, दवा व्यवसायी राजेश भंडारी का कहना है कि आधी से ज्यादा दवाइयां तो मिल ही नहीं रही। जो मिल रही हैं, उनकी मांग दाेगुनी है, क्याेंकि स्टॉक नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन से पांच घंटे तो दवाइयां लेने में ही लग जाते हैं।
दूसरे शहरों से नहीं आ पा रही हैं दवाइयां, लोग स्टॉक न करें
इंदौर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कहा कि कुछ दवाएं दूसरे शहरों से नहीं आ रही हैं। सीएंडएफ में भी स्टाॅक काफी कम आ रहा है। इस कारण अौर ट्रांसपोर्ट बराबर नहीं होने से दवाइयां कम आ रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दवाइयाें के स्टॉक में कमी जरूर है, लेकिन एेसा नहीं है कि ये खत्म हो गई हैं। जितनी दवाइयां पहले चार-पांच महीने में बिकती थीं, उतनी पिछले 20-25 दिन में बिक गई हैं। लोगों से भी अपील है कि दवाइयों का ज्यादा स्टॉक नहीं करें। किसी को कोई परेशानी नहीं होगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/5-month-medicines-sold-in-20-days-bp-sugar-tablets-reduced-in-stock-127125606.html
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